मेडल से पहले यूक्रेन पर नजर

जय भगवान
Image caption ओलंपिक लंबे अर्से से विजेंदर के रूममेट बॉक्सर जय भगवान का सपना है .इसमें वह अपने दोस्त जैसा यादगार प्रदर्शन करना चाहते हैं तस्वीर:लक्ष्य स्पोर्टस

जय भगवान पिछले पांच साल से देश के श्रेष्ठ मुक्केबाजों में से एक हैं. सर्किट में उन्हें ‘सरप्राइज बॉक्सर’ कहा जाता है. यानि वे किसी भी दिन उलटफेर कर सकते हैं.

लंदन ओलंपिक में बॉक्सरों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. वैसे 60 किलोग्राम भार वर्ग के जय भगवान का ध्यान मेडल से ज्यादा यूक्रेन के बॉक्सर पर लगा है.

बीबीसी के साथ बातचीत में जय भगवान ने कहा, “ मुझे अभी सिर्फ यूक्रेन का वह बॉक्सर ही दिखाई दे रहा है. वह दुनिया का बेहतरीन बॉक्सर है और इसलिए मेरा पूरा ध्यान उस पर लगा है.मेरे वर्ग में यूक्रेन ही सबसे बड़ी चुनौती है. ”

हरियाणा के जींद शहर के बॉक्सर जय भगवान ने कहा , “यूक्रेन के बॉक्सरों के खिलाफ में ज्यादा प्वाइंट से जीतने की कोशिश करूंगा. ”

हाल के सालों में विश्व बॉक्सिंग में यूक्रेन के बॉक्सरों ने जबरदस्त ढंग जगह बनाई है. जय भगवान के वर्ग में वेस्ले लोमाचेंकों का पता का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है.

ओलंपिक एक सपना

बीजिंग ओलंपिक से ही जय भगवान बेहतरीन मुक्केबाज के रूप में खबरों में हैं. लेकिन बीजिंग से ठीक पहले चोटिल होने के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा. इसलिए इस बार वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर जय भगवान ने कहा, “ ओलंपिक किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है, मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में खेलूं. लेकिन पिछली बार में ओलंपिक से ठीक पहले मेरे हाथ में चोट लग गई थी. इस कारण में ओलंपिक क्वालीफाई को मुकाबला ही हार गया था.”

जय भगवान ने विश्व रैंकिंग में नंबर चार के आयरलैंड के बॉक्सर को हरा कर लंदन के लिए क्वॉलिफाई किया है. वैसे ओलंपिक करीब आने के साथ ही जय भगवान के सपने में मेडल दिखाई देना शुरू हो गया है.

जय भगवान ने कहा, “ मेरे ख्यालों में ओलंपिक आने लगा है. सिर्फ मेरे ही नहीं बल्कि जिन लोगों को मेरे से उम्मीदें हैं, वो भी सपने देख रहे हैं. कुछ दिन पहले मेरे एक पुराने कोच बालराज ने हैदराबाद से फोन आया. उन्होंने मेरे को सपने में ओलंपिक मेडल लेते देखा था. मैंने उन्हें वादा किया कि मैं देश के लिए ओलंपिक मेडल जीत कर लाऊंगा.”

ओलंपिक मेडल ही बड़ा

जय भगवान ने दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया था. लेकिन उन्होंने साफ किया कि ओलंपिक का स्तर उन खेलों से कहीं ज्यादा ऊंचा है. जबकि वर्ल्ड चैंपियनशिप ओलंपिक से भी बड़ी स्पर्धा है.

जय भगवान ने कहा, “ कॉमनवेल्थ गेम्स का स्टैंडर्ड बहुत ऊंचा नहीं है. ओलंपिक में श्रेष्ठ बॉक्सर आते हैं. इससे भी मुश्किल वर्ल्ड चैंपियनशिप होती है क्योंकि उसमें 113 देशों के मुक्केबाज आते हैं. आपको पता भी नही होता कि कौन सा बॉक्सर कैसा है. सभी को आप देख भी नहीं सकते. ”

जय भगवान ने कहा कि विजेंदर ने भारतीय बॉक्सिंग को नया चेहरा दिया है. वह उनके अच्छे दोस्त हैं. वह विजेंदर के बहुत प्रेरित हैं.

विजेंदर से दोस्ती

जय भगवान पिछले एक दशक से भी अधिक समय से स्टार बॉक्सर विजेंदर के रूममेट और दोस्त हैं.

बॉक्सरों से मेडल की संभावना के बारे में पूछे जाने पर जय भगवान ने कहा, “ सबसे बड़ा दावेदार तो मैं ही हूं. मैं भारत के लिए बॉक्सिंग में मेडल लेकर आऊंगा. बाकी विजेंदर से काफी उम्मीदें हैं. मनोज हैं और विकास हैं. सभी अच्छे बॉक्सर हैं. लेकिन बॉक्सिंग ऐसा खेल है जो ड्रॉ पर निर्भर करता है. अच्छा ड्रॉ बॉक्सर का टूर्नामेंट बना देता है. ”

जय भगवान के बेहद ही विषम परिस्थितियों में बॉक्सिंग शुरु की थी. रिंग पर उतरने से पहले वह गलियों में भी घूंसेबाजी कर चुके थे. लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला और खुद को भविष्य के बॉक्सर के रूप में पेश किया.

जय भगवान ने बताया, “ जब मैंने बॉक्सिंग शुरु की तो मैं 22 रुपये के फ्लीट पहन कर जाता था. वो जूते कुछ दिनों में आगे से फट जाते थे. मैं अपने पिता से मांगता तो वे कहते कि इतनी जल्दी फट गए. लेकिन समय के साथ सब बदल गया. आज बॉक्सिंग में पैसा आ गया है. ”

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