शूटर, तीरंदाज या पहलवान...कौन लाएगा सोना?

राज्यवर्धन सिंह राठौर (शूटर)

राजवर्धन सिंह
Image caption राजवर्धन सिंह राठौर की नजर में रोंजन, अभिनव बिंद्रा और गगन पदक के काफी करीब हैं

लंदन ओलंपिक में भारतीय निशानेबाजी टीम से सबसे अधिक पदकों की उम्मीद की जा रही है. हालांकि एथेंस ओलंपिक के सिल्वर मेडल विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर की नजर में तीन निशानेबाज पदक के काफी आसपास है.

बीबीसी से साथ संभावित पदकों के बारे में बातचीत में राज्यवर्धन ने कहा, “ओलंपिक में 11 शूटरों की टीम है. लेकिन मेरी नजर में तीन मेडल के काफी करीब हैं. वैसे कभी-कभार किसी के लिए इत्तेफाक से भी मौका बन जाता है. लेकिन एक खिलाड़ी होने के नाते में इन तीनों के बारे में विश्वास से कह सकता हूं.”

राज्यवर्धन ने कहा़, “ गगन नारंग, अभिनव बिंद्रा और रोंजन ऐसे शूटर हैं जिनसे मेडल की उम्मीद करना बेमानी नहीं है. इसके अलावा 25 मीटर रैपिड फायर में विजय कुमार भी हैं. इस शूटर के बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते. लेकिन वह भी मेडल का दावेदार है. ”

वैसे उन्होंने उनकी टीम के सदस्य रहे रोंजन सोढ़ी की काफी तारीफ की..

राज्यवर्धन ने कहा, “ रोंजन को मैं तब से जानता हूं जब वो जूनियर से सीनियर टीम में आए थे. काफी ठोकरें खाने के बाद यहां तक पहुंचा है. उसके पीछे भी कई लोग लगे हुए थे. वह काफी अनुशासित है. वह पिछले काफी समय से अच्छा कर रहे हैं. उम्मीद है कि रोंजन ओलंपिक में अपना प्रदर्शन बरकरार रखेंगे. ”

लिंबा राम ( ओलंपियन तीरंदाज)

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Image caption भारतीय महिला तीरंदाजी टीम से पदक जीतने की उम्मीदें हैं

पूर्व ओलंपियन लिंबा राम का महिला तीरंदाजी टीम पर भरोसा काफी मजबूत है. उनकी नजर में यह टीम पदक जीतने की स्थिति में है.

लिंबा राम ने कहा, “महिला टीम 2011 की विश्व चैंपियन है. इसके अलावा यह टीम वर्ल्ड चैंपियनशिप की उप-विजेता है. टीम ने सीधे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया है. टीम में दीपिका कुमारी है जो कि जूनियर वर्ल्ड चैंपियन है. जाहिर है कि इस टीम का चांस काफी अच्छा है.”

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धा में दीपिका कुमारी के रूप में टीम में एक जबरदस्त फाइटर है.

लिंबा राम ने कहा, "दीपिका का आत्मविश्वास काफी मजबूत है. दीपिका की फॉर्म नेचुरल है जो कि तीरंदाजी में होनी जरूरी है. इसके अलावा पिछला रिकॉर्ड और मौजूदा फॉर्म भी उनके साथ है. वह लगातार जीत कर आ रही है. इस लिहाज से वह टॉप खिलाड़ी है."

उन्होंने बताया कि दीपिका की एकाग्रता काफी मजबूत है. टीम के रूप में बोम्बेला देवी और चक्रोवालू स्वुरो अच्छी तीरंदाज हैं. टीम अच्छा कर रही है और बेहतरीन फॉर्म के साथ लंदन में होगी.

सतपाल (कुश्ती के ओलंपियन)

Image caption सतपाल का मानना है कि लंदन ओलंपिक में इस बार पहलवान इतिहास रचेंगे

पूर्व पहलवान सतपाल की नजर में कुश्ती की टीम का हर सदस्य ओलंपिक में पदक का दावेदार है.

उन्होंने कहा, "मैं किसी एक का नाम नहीं लूंगा. मेरी नजर में सभी पदक के दावेदार हैं क्योंकि ये सभी अच्छी फॉर्म के साथ लंदन जा रहे हैं. अभी अमित कुमार जूनियर में गोल्ड मेडल जीत कर आया है. योगेश्वर और गीता भी अच्छे प्रदर्शन के साथ ओलंपिक में जा रहे हैं."

सतपाल ने कहा कि इस बार पहलवान पिछले ओलंपिक के रिकॉर्ड को तोड़ेगे.

सतपाल ने कहा, "मेरा मानना है कि इस बार कुश्ती में बीजिंग का भी रिकॉर्ड टूटेगा और पहलवान नया इतिहास बना कर लौटेंगे."

उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों के दौरान पहलवानों पर काफी कड़ी मेहनत की गई है.

सतपाल ने बताया, "कुश्ती तकनीक का खेल है. इसमें अंदाजा लगाना मुश्किल है कि विपक्षी पहलवान कौन सा दांव लगाएगा. इसका पता लगाने के लिए विपक्षी पहलवान की साइकॉलजी को समझना जरुरी है. तैयारियों में इस बात पर जोर दिया गया है."

उन्होंने कहा कि 66 किलोग्राम भार वर्ग में सबसे कड़ी चुनौती मिलेगी क्योंकि दुनिया भर में इस कैटेगरी में ज्यादा पहलवान मिल जाएंगे. पिछली ओलंपिक के पदक विजेता सुशील इसी वर्ग में कुश्ती करते हैं.

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