फर्राटा-बाधा दौड़

 शुक्रवार, 20 जुलाई, 2012 को 04:50 IST तक के समाचार

वर्ष 1896 में एथेंस खेलों से ही 100 मीटर की दौड़ ओलंपिक आयोजन में शामिल है

पूरी दुनिया की निगाह लंदन ओलंपिक में 100 मीटर की फर्राटा दौड़ पर होगी जब धरती के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट एक बार फिर ट्रैक पर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के इरादे से उतरेंगे.

सौ मीटर की दौड़ ओलंपिक का ऐसा आयोजन है, जो दस सेकेंड से भी कम समय से किसी धावक की हार-जीत का फैसला कर देता है.

पलक झपकते ही दौड़ खत्म हो जाती है.

ओलंपिक में 100 मीटर की दौड़ 9.69 सेकेंड में पूरी करने का रिकॉर्ड बोल्ट के ही नाम है जबकि विश्व रिकॉर्ड उन्होंने 9.58 सेकेंड का समय लेकर बनाया था.

आयोजन

वर्ष 1896 में एथेंस खेलों से ही 100 मीटर की दौड़ ओलंपिक आयोजन में शामिल है.

प्राचीन रोम में धावक नंगे पैर रेत पर दौड़ा करते थे.

सौ मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाले काले अमरीकी धावक जेसी ओवेंस की ख्याति इस बात में निहित है कि उन्होंने बर्लिन में वर्ष 1936 में पदक जीतकर नाजी शासन के नस्ली प्रचार को धता बता दिया था.

जमैका के बोल्ट के मुख्य प्रतिद्वंद्वी उनके हमवतन असफा पावेल हैं जिन्होंने 9.72 सेकेंड में सौ मीटर दौड़ में अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है.

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