बेहदाद उठाएंगे ईरान की उम्मीदों का भार

बेहदाद
Image caption ईरान के वेटलिफ्टर बेहदाद सलीमीकोर्दासिआबी अपने देश के लिए पदक के सबसे बडे़ दावेदार हैं.

पिछले कई दशकों से ईरान कई तरह की दिक्कतों से जूझ रहा है. लेकिन खेलों को लेकर जोश कभी कम नहीं हुआ है. हमेशा की तरह इस बार के ओलंपिक खेलों में भी ईरान के खिलाड़ी अपने देश के लिए उम्मीद बन कर लंदन पहुंचे हैं. इनमें वेटलिफ्टर बेहदाद सलीमीकोर्दासिआबी पदक के सबसे बडे़ दावेदार हैं.

105 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा ले रहे बेहदाद ईरान की वेटलिफ्टिंग टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं. बेहदाद की मौजूदगी की अहमियत को समझने के लिए बताना ज़रूरी है कि 2010 में पहले ही प्रयास में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप पर कब्ज़ा कर लिया था.

बेहदाद ने 453 किलोग्राम भार उठा कर बेहद आसानी से ओलंपिक चैंपियन म्थायस स्टेनर को पीछे छोड़ दिया. वर्ष 2011 की चैंपियनशिप में बेहदाद ने अपना प्रदर्शन और बेहतर किया और इलेक्ट्रॉनिक्स स्कोर बोर्ड पर उनके नाम के आगे 464 किलोग्राम चमक रहा था.

23 साल के बेहदाद ने 214 किलोग्राम का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने अपने ही देश के होसैन रेजाजदेह के 213 किलोग्राम के रिकॉर्ड को तोड़ा था.

बेहदाद की यात्रा का एक अहम पहलू यह भी है कि 2010 के एशियाई खेलों में स्वाइन फ्लू होने और क्लीन एंड जर्क स्पर्धा के दौरान लड़खड़ा कर गिरने के बावजूद उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था. वह स्नैच में लौटे और 201 किलोग्राम भार उठा कर अपने सभी प्रतिद्वंदियों को हैरान कर दिया.

वेटलिफ्टिंग की दुनिया में बेहदाद का आगाज़ भी धमाके से कम नहीं था. वर्ष 2009 में उन्होंने वर्ल्ड जूनियर और एशियन चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते.

इसके अलावा अप्रैल 2011 में वह 458 किलोग्राम भार उठा कर अपना खिताब बचाने में सफल रहे.

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