खिलाड़ी उत्तर कोरिया के मगर झंडा दक्षिण का

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Image caption उत्तर कोरियाई खिलाड़ी के सामने दक्षिण कोरिया का झंडा सामने आते ही उत्तर कोरियाई खिलाड़ी मैदान से बाहर चले गए

ओलंपिक में समय से सभी प्रतियोगिताएँ हो जाएँ इसलिए फ़ुटबॉल के कुछ मैच उदघाटन समारोह से पहले ही हो रहे हैं मगर उन्हीं में से एक ने विवाद को भी जन्म दे दिया.

ग्लासगो में उत्तर कोरिया का मैच कोलंबिया से था मगर मैच शुरू होने से पहले ही उत्तर कोरियाई टीम नाराज़ होकर मैदान से बाहर चली गई.

दरअसल वहाँ बड़ी स्क्रीन पर जब उत्तर कोरियाई खिलाड़ियों का नाम दिखाया गया तो उनके नाम के आगे उत्तर कोरिया का नहीं बल्कि दक्षिण कोरिया का झंडा दिखा दिया गया.

खेल के आयोजकों ने जब उत्तर कोरियाई अधिकारियों से इस ग़लती के लिए माफ़ी माँगी तब जाकर खेल कहीं एक घंटे देर से शुरू हुआ. इस मैच में उत्तर कोरिया ने कोलंबिया को 2-0 से हरा दिया.

कोरिया युद्ध के समय से ही दोनों कोरियाई देशों के बीच संबंध ख़ासे तनावपूर्ण रहे हैं. ये तुरंत पता नहीं चल पाया कि ग़लती के लिए ज़िम्मेदार कौन था.

ट्वीट ने कटाया वापसी का टिकट

ग्रीस की ओर से ट्रिपल जंप मुक़ाबले में हिस्सा लेने पहुँची वाओला पापाक्रिस्टू को ट्विटर पर की गई टिप्पणी कुछ इस तरह भारी पड़ी कि उन्हें देश की ओलंपिक टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

पापाक्रिस्टू ने ट्विटर पर ऐसी टिप्पणी की थी जिसे अधिकारियों ने नस्ल भेदी माना. उनकी टिप्पणी को ओलंपिक समिति ने अफ़्रीकी आप्रवासियों का मजाक बनाने वाला और देश की धुर दक्षिणपंथी पार्टी के समर्थन वाला माना.

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Image caption पापाक्रिस्टू इससे पहले भी दक्षिणपंथी नेताओं के प्रति समर्थन जता चुकी हैं

पापाक्रिस्टू ने आव्रजन पर प्रधानमंत्री एंतोनियो समारास के रुख़ का विरोध करने वाली दक्षिणपंथी गोल्डेन डॉन पार्टी के नेता इलियास कसीदिआरिस की कई टिप्पणियों को ट्विटर पर आगे बढ़ाया था.

कसीदिआरिस ने टेलीविजन पर एक बहस के दौरान एक वामपंथी महिला राजनेता को थप्पड़ मार दिया था और दूसरी पर पानी फेंक दिया था और उसी के बाद वह चर्चा में आ गए थे.

ग्रीस की ओलंपिक समिति के प्रमुख इसिडोरोस कोवेलोस ने कहा कि एथलीट पापाक्रिस्टू ने ओलंपिक के मूलभूत मूल्यों के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाया.

मगर फ़ेसबुक पर अपने पेज और ट्विटर पर पापाक्रिस्टू ने माफ़ी माँगते हुए लिखा, "मेरी वजह से जो नकारात्मक प्रतिक्रिया हुई उसके लिए मैं शर्मिंदा हूँ. मैं किसी को अपमानित नहीं करना चाहती थी."

वैसे उनके कोच जॉर्ज पोमास्की ने इस सज़ा को काफ़ी कड़ी बताया और कहा कि वह पहले ही माफ़ी माँग चुकी हैं.

नाइकी का नकली सामान

मिस्र में लयबद्ध तैराकी टीम की एक सदस्य योमना ख़लाफ़ जब लंदन रवानगी के लिए तैयार हो रहीं थीं कि उन्हें देश की ओलंपिक समिति की ओर से मिले सामान को देखकर कुछ अजीब सा लगा.

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Image caption नाइकी की जगह एथलीट्स को दूसरे ब्रांड का सामान दे दिया गया

उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर आरोप लगाया कि उन्हें जो सामग्री का बैग मिला उस पर बड़ा सा नाइकी का निशान बना था मगर कपड़ों में जो ज़िप लगी थी उस पर ऐडिडास का ब्रैंड लगा था. इससे उन्हें शक़ हो गया कि उन्हें नाइकी का नकली सामान दिया गया है.

ख़लाफ़ ने कहा कि इसके बाद उन्होंने 300 डॉलर ख़र्च करके अपनी पसंद का सामान ख़रीदा.

उधर मिस्र की ओलंपिक समिति के महासचिव मोताज़ सोनबोल ने कहा कि ओलंपिक समिति ये जानकर भौंचक्की है कि सामान 'सीधे नाइकी से' नहीं आया है.

अब मिस्र में नाइकी के सामान के डिस्ट्रीब्यूटर से बात की जा रही है कि ये मसला कैसे सुलझाया जाए.

इसके बाद कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को हाल में पता चला कि मिस्र की ओलंपिक समिति ने एक ऐसी जगह से सामान लिया है जिसने नाइकी के ट्रेडमार्क वाला नकली सामान दे दिया है.

प्रवक्ता के अनुसार कंपनी इससे काफ़ी चिंतित है कि अगर ये आरोप सही साबित हुए तो एथलीट्स को उस गुणवत्ता का सामान नहीं मिलेगा जैसा उन्हें मिलना चाहिए था.

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