टीका-टिप्पणी पर नहीं ओलंपिक पर हॉकी खिलाड़ियों का ध्यान

सरदार सिंह
Image caption सरदार सिंह मामले को तूल नहीं देना चाहते

लंदन ओलंपिक में खेल गाँव की व्यवस्था को लेकर मीडिया में भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के हवाले से खबरें छपी हैं. लेकिन भारतीय खिलाड़ी इन टीका-टिप्पणियों से दूर अपना ध्यान खेल पर केंद्रित किए हुए हैं.

बीबीसी के साथ बातचीत में जहाँ चर्चित हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह इस मुद्दे पर खुल कर कुछ कहना नहीं चाहते, तो दूसरी ओर कप्तान भरत छेत्री को कोई गिला-शिकवा नहीं है.

सरदार सिंह ने कहा कि उनका ध्यान इन सब चीजों पर नहीं बल्कि ओलंपिक खेल पर है. लेकिन उन्होंने ये जरूर कहा कि जो भी वहाँ चल रहा है, उसे वे बदल नहीं सकते.

बाथरूम में 'टाइमिंग'

सरदार सिंह ने कहा, "अभी हम क्या कर सकते हैं. कुछ बदलाव नहीं कर सकते. एक कमरे में दो खिलाड़ी रह रहे हैं. बाथरूम शेयर करना पड़ता है. हमें थोड़ा टाइमिंग का ख्याल रखना पड़ता है. लेकिन ये कोई बड़ी बात नहीं है. हम भारत में भी ऐसे ही रहते हैं."

सरदार सिंह की बातों से ये जरूर लगा कि उन्हें कुछ बातें खटक रही हैं, लेकिन वे इस मामले को बिल्कुल तूल नहीं देना चाहते और उनका ध्यान ओलंपिक खेलों पर लगा हुआ है.

दूसरी ओर टीम के कप्तान भरत छेत्री इससे इंकार करते हैं कि टीम का कोई भी खिलाड़ी असंतुष्ट है. उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से व्यवस्था काफी अच्छी है और कोई परेशानी नहीं है.

'कोई शिकायत नहीं'

बीबीसी के साथ बातचीत में कप्तान भरत छेत्री ने कहा, "मुझे कोई शिकायत नहीं है. मैं नहीं जानता कि किसने व्यवस्था के बारे में क्या बोला है.''

उन्होंने कहा, "यहाँ व्यवस्था काफी अच्छी है. जहाँ तक कमरा शेयर करने की बात है, तो मैंने तो पहले कभी नहीं देखा कि खिलाड़ी एक कमरे में रह रहे हैं.

छेत्री ने कहा, "अगर तीन बाथरुम है तो छह लोगों को शेयर करने में क्या परेशानी है. हम लोग भी तो घर में बाथरूम शेयर ही करते हैं."

अब सरदार की बातों में दम है या भरत छेत्री की बातें सच हैं, ये तो पता नहीं लेकिन इतना तो तय है कि दोनों खिलाड़ियों का ध्यान हॉकी पर ज्यादा है और वे अपने प्रदर्शन से बहुत कुछ साबित करना चाहते हैं.

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