कुछ भी भाग्य पर नहीं छोड़ना चाहता था: गगन

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लंदन ओलंपिक खेलों में भारत ने पदक तालिका में अपना खाता खोल लिया है. निशानेबाज गगन नारंग ने ओलंपिक में भारत को पहला कांस्य पदक दिलाया है. उन्होंने ये पदक 10 मीटर एयर राइफेल प्रतियोगिता में जीता.

ओंलिपक में गगन की तस्वीरें

जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बीच गगन नारंग ने भारत को 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक दिलाया.

हजारों भारत समर्थकों के बीच गगन ने आखिरी दो बेहतरीन शा्टस को पदक में बदला. यही कारण रहा कि पदक जीतने के बाद उन्होंने अपनी राइफल उठा कर उनका हौंसला बढ़ा रहे भारतीय मूल के लोगों का शुक्रिया भी अदा किया.

जीतने के बाद गगन ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा कि इस बार उन्होंने काफ़ी मेहनत की थी और कुछ भी भाग्य पर नहीं छोड़ना चाहते थे.

उनका कहना था, ''2008 में बीजिंग ओलंपिक न जीतने के कारण दिल पर एक भारी बोझ था, जो उतर गया. इस बार मैं कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था. मैं कुछ भी भाग्य पर नहीं छोड़ना चाहता था. इसीलिए इस बार मैंने अपने कोच के साथ काफ़ी मेहनत की और मुझे इसका फल मिला.''

फाइनल में गगन ने 701.1 प्वाइंट हासिल किए. लेकिन स्पर्धा का गोल्ड मेडल रोमानिया के अलीन जॉर्ज मालदोवियानू के नाम रहा. मालदोवियानू ने फाइनल में 702.1 का स्कोर किया.

इस स्पर्धा में इटली के निकालो कैपरियानी को सबसे तगड़ा दावेदार माना जा रहा था लेकिन 701.5 प्वाइंट के साथ उन्हें रजत पदक पर संतोष करना पड़ा.

गगन का सफर

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ओलंपिक के अब तक के इतिहास में शूटिंग में भारत का यह तीसरा पदक है. ऐथंस में राज्यवर्धन सिंह राठौर रजत और बीजिंग में अभिनव बिंद्रा के स्वर्ण पदक जीता था.

नारंग ने फाइनल में 10.7 के शॉट के साथ बेहतरीन शुरुआत की लेकिन अगले में 9.7 के कारण वह बेहद साधारण नजर आए. लेकिन नारंग ने तीसरे और चौथे में 10.6 व 10.7 पर निशाना लगा कर खुद को संभाला.

बेहद जबरदस्त मुकाबले के बीच गगन का पांचवां शॉट 10.4 पर लगा. इसके बाद 10.6 हासिल करने के बाद लगा कि वह यहां से अपना प्रदर्शन और उठाएंगे लेकिन उनका सातवां शॉट 9.9 और आठवां 9.5 पर लगा. एक समय वह दूसरे और तीसरे स्थान पर थे लेकिन इस दो खराब निशानों के कारण वह नीचे खिसक गए.

लेकिन गगन के आखिरी दो शॉट्स 10.3 और 10.7 के साथ खुद को पोडियम पर खडे़ होने का हकदार बना लिया.

2012 लंदन आलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने वाले नारंग पहले भारतीय खिलाड़ी थे.

गगन नारंग को पिछले साल भारत के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया था.

दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी गगन नारंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण पदक जीते थे. वहीं एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था.

इससे पहले अभिनव बिंद्रा को ओलंपिक में निराशा हाथ लगी. बिंद्रा 10 मीटर एयर राइफल से प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे. चार साल पहले वे बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर व्यक्तिगत स्पार्धा में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे.

लेकिन लंदन ओलंपिक में वे 47 प्रतियोगियों में से 16वें स्थान पर रहे. उन्होंने 600 में से 594 अंक हासिल किए और फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए.

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