ओलंपिक: रोंजन की गोली और साइना की शटल से उम्मीदें

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Image caption अब साइना और रोंजन पर लगी हैं पूरे देश की निगाहें

लंदन ओलंपिक का सातवाँ दिन है और 10 मीटर एयर राइफल में गगन नारंग के कांस्य पदक को छोड़कर भारत के लिए अभी तक कोई बड़ी खबर नहीं आई है लेकिन उम्मीदें अभी पूरी तरह मरी नहीं हैं.

गुरुवार को साइना नेहवाल और डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढ़ी डेढ़ अरब से भी अधिक भारतीयों की एक और मेडल की उम्मीद को आगे बढ़ाएंगे.

गगन नारंग के मेडल ने वैसे तो निशानेबाजों के बेहतर प्रदर्शन का माहौल तैयार किया है मगर अंत में पदक निर्भर इस बात पर होगा कि रोंजन कितनी एकाग्रता बरक़रार रखते हुए निशाने लगा पाते हैं.

रोंजन भारतीय समयानुसार डेढ़ बजे से डबल ट्रैप शूटिंग मुक़ाबले के क्वालिफ़िकेशन दौर में उतरने जा रहे हैं.

रोंजन ने कहा, “ गगन के मेडल ने मेरे आत्मविश्वास को और बढ़ाया है. सभी काफी खुश हैं और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं. ”

रोंजन के लिए ओलंपिक बड़ा मौका हैं. क्योंकि वह पहली बार ओलंपिक में पहुंचे हैं.

रोंजन ने कहा, “ किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक पदक अहम होता है. मेरा भी सपना ओलंपिक में पदक जीतने का है. मैं वादा करता हूं कि लंदन में अपना सौ फीसदी प्रदर्शन दूंगा. मैं इसके लिए काफी लंबे समय से तैयारी कर रहा हूं.”

साइना

उसके बाद साइना क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क की टाइन बॉन के खिलाफ खेलेंगी. यकीनन साइना ने अभी तक के मैच आसानी से जीते हैं. लेकिन यह उनके लिए ओलंपिक का सबसे बड़ा मैच होगा.

साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि बैडमिंटन से मेडल की उम्मीद करना कितना सही था.

वैसे साइना ने अपने पिछले मैच में जीत के बावजूद नीदरलैंड की याओं जेई को 30 प्वाइंट बनाने का मौका दिया है. इसके अलावा इससे पहले के मैचों में उन्हें कोई विश्वस्तरीय चुनौती नहीं मिली है.

इसलिए भी यह क्वार्टर फाइनल साइना के लिए ओलंपिक में अब तक का सबसे बड़ा मैच होगा.

बीबीसी के साथ बातचीत में साइना ने कहा भी कि, “आगे के मुकाबले काफी कठिन होंगे लेकिन अच्छी बात यह है कि मैं कोर्ट पर अच्छी तरह मूव कर पा रही हूं.”

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