18 ओलंपिक स्वर्ण के साथ फेलप्स ने कहा अलविदा

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Image caption 'फीना' ने फेलप्स को सम्मानित करते हुए 'सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक ऐथलीट' बताया.

अमरीकी तैराक माइकल फेल्प्स ने अपने ओलंपिक करीयर का 18वां और आखिरी मेडल शनिवार को 4*100 मेडली रीले जीतकर हासिल कर लिया.

शनिवार का मुकाबला फेल्प्स ने 29.35 सेकंड में पूरा किया. अपनी जीत में उन्होंने जापान, ऑस्ट्रेलिया और ग्रेट ब्रिटेन के तैराकों को हराया.

27 वर्षीय फेल्प्स अब तैराकी से रिटायर हो जाएंगे.

फेल्प्स ने अपने करीयर में चार ओलंपिक खेलों में कुल 22 ओलंपिक पदक जीते. इनमें 18 स्वर्ण पदक थे.

अपने आखिरी मुकाबले के बाद फेल्प्स बहुत भावुक हो गए.

उन्होंने कहा कि उनकी भावनाओं को शब्दों में ढालना बहुत मुश्किल है और वो बस इतना कह सकते हैं कि वो जिस तरह से अपना करीयर खत्म करना चाहते थे, कर पाए हैं.

‘दुनिया का सबसे अच्छा अहसास’

फेल्पस ने कहा, “अपने करीयर के उतार-चढ़ाव के दौरान मैं वो सब हासिल कर पाया हूं जो मैं कभी चाह सकता था. मैं वो सब कर पाया हूं, जो कोई और कभी नहीं कर पाया है.”

फेल्प्स ने15 वर्ष की आयु में सिडनी में आयोजित ओलंपिक खेलों से शुरुआत की.

उसके बाद एथन्स ओलंपिक में उन्होंने छह स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते.

इसके बाद वर्ष 2008 में बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने आठ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया.

लंदन ओलंपिक में अपने पहले मुकाबले में चौथे नंबर पर रहे फेल्प्स ने एक ढीली शुरुआत के बाद फिर तेज़ी पकड़ी और आखिर में इस खेल के किसी भी तैराक से ज़्यादा पदक जीते – चार स्वर्ण और दो रजत पदक.

फेल्प्स के आखिरी मुकाबले के बाद, तैराकी की विश्व गवर्निंग बॉडी, ‘फीना’ ने उन्हें एक ट्रॉफी से सम्मानित किया.

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