आज मेरा दिन नहीं था: मैरी कॉम

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Image caption ब्रिटेन की निकोला एडम्स की चुनौती से पार नहीं पा सकीं मैरी कॉम.

भारत की एमसी मैरी कॉम महिला मुक्केबाजी के 51 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में ब्रिटेन की निकोला एडम्स से हार गईं. भारत की ओर से स्वर्ण पदक की दावेदार मानी जा रहीं मैरी कॉम को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ेगा.

लंदन ओलंपिक में बुधवार को मैरी कॉम को निकोला एडम्स से 6-11 से हार का सामना करना पड़ा.

मैच के दौरान मैरी कॉम ढीली नजर आईं तो उनकी ब्रितानी प्रतिद्वंद्वी काफी आक्रामक और सध कर खेल रही थीं.

मैच के बाद मैरी कॉम मीडिया से बात किए बिना चली गईं.

उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, "यह मेरा दिन नहीं था, भीड़ निकोला के साथ थी और उसने दूसरे राउंड में मुझसे काफी बढ़त भी हासिल कर ली थी. यह मेरा दिन था ही नहीं."

मैरी कॉम की तारीफ

लेकिन मैरी कॉम को हराने वाली निकोला एडम्स ने अपनी भारतीय प्रतिद्वंद्वी की तारीफ की.

निकोला एडम्स ने बीबीसी को बताया, "मैरी कॉम भले ही हार गईं लेकिन वो एक बड़ी खिलाड़ी हैं. वो पाँच बार विश्व चैंपियन रही हैं. पिछली बार हमारे मैच के बाद उन्होंने मेरी कमजोरियों पर काम किया लेकिन मैंने इस बीच खुद को काफी सुधारा है."

भारत के खेल मंत्री अजय माकन ने भी मैरी कॉम के खेल की तारीफ की.

उन्होंने कहा, "मैरी कॉम अपने से अधिक वजन की श्रेणी में खेल रही थीं. वो अच्छा खेलीं लेकिन अपनी लंबी, युवा और मजबूत प्रतिद्वंद्वी से हारीं. ओलंपिक में कांस्य भी एक बड़ी उपलब्धि है."

मणिपुर में मैरी कॉम के घर पर मौजूद बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव के अनुसार उनके पिता सेमीफाइनल में अपनी बेटी की हार से निराश हैं, लेकिन उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "सब भगवान की मर्जी है. मैरी कॉम ने बहुत मेहनत की और कांस्य पदक तो जीत ही लिया है. उस पर मणिपुर और भारत को गर्व है."

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