ओलंपिक मसाला

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Image caption पाँच पदक जीतनेवाले अमरीकी तैराक रायन लोटे

ओलंपिक के शुरूआती दिनों में तैराकी के मुक़ाबले होते हैं.

इस बार जब मुक़ाबले अपने अंतिम दौर में थे, जब अमरीका के माइकल फ़ेल्प्स ने रिकॉर्ड बना दिया, सबसे अधिक 18 स्वर्ण जीतने का.

तब एक बात उजागर हुई, कि तैराक, तैरते समय पानी में ही हल्के हो जाया करते हैं.

बात खोली फ़ेल्प्स के हमवतन रायन लोटे ने, जिन्होंने इस ओलंपिक में दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता.

उनसे एक अमरीकी रेडियो स्टेशन पर पूछा गया – सुना है तैराक पानी में ही...क्या आप भी.

उन्होंने कहा – “बिल्कुल...मुझे लगता है कि शायद क्लोरीनयुक्त पानी का असर है, पानी में जाते ही, अपने आप हो जाता है.”

और उन्होंने बताया अधिकतर तैराक ऐसा करते हैं.

वैसे गनीमत है कि ये निवृत्ति केवल लघुशंका तक ही सीमित है.

कपड़ा उतार जीत

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Image caption रॉबी ने ट्विटर पर जारी की अपनी तस्वीर

ओलंपिक में डिस्कस थ्रो मुक़ाबले में जर्मनी के विजेता ने जीत के बाद कपड़े फाड़ लिए.

और ब्रिटेन के एक एथलीट को जीत के बाद कुछ ऐसा जोश आया कि उसने कपड़े ही उतार दिए.

ऊँची कूद में स्वर्ण जीतनेवाले ब्रिटिश एथलीट रॉबी ग्राबार्ज़ ने खेलगाँव में अपने कमरे से अपनी एक तस्वीर ट्वीट की है.

इसमें उनके गले में उनका मेडल झूल रहा है, और बदन पर केवल ब्रिटेन का झंडा दिख रहा है.

और है चेहरे पर एक संतुष्टि के भाव वाली मुस्कुराहट.

डिस्कस थ्रो विजेता ने अपना कपड़ा स्टेडियम में ही फाड़ लिया था.

गनीमत है, ऊँची कूद विजेता ने अपने कपड़ों के साथ जो करना था वो अपने कमरे में किया, स्टेडियम में नहीं.

कड़क रॉयल मेल

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Image caption ट्रायथलन में स्वर्ण और कांस्य जीतनेवाले भाई

गोल्डेन पोस्ट बॉक्स यानी ब्रिटेन के डाक विभाग द्वारा ब्रिटिश स्वर्ण विजेता के शहर में एक पोस्ट बॉक्स को गोल्डन करने से जुड़ी एक और घटना.

यॉर्कशर के ब्रैमहोप शहर के दो भाईयों ने पदक जीता, एक को मिला सोना, दूसरे को कांस्य.

ब्राउनली भाईयों की जीत से उनके पड़ोसी, 82 वर्षीय बुज़ुर्ग पीटर मोरान को इतनी ख़ुशी हुई और ऐसा जोश आया कि वे स्वयं पेंट लेकर आए और उन्होंने अपने मोहल्ले के पोस्ट बॉक्स को गोल्डेन कर डाला.

लेकिन, अगले ही दिन उन्होंने पाया कि डाक विभाग ने फिर से उस पोस्ट बॉक्स को लाल कर दिया है.

डाक विभाग ने बाद में कहा – हमने पोस्ट बॉक्स पहले ही चुन लिया था, ये हॉर्सफ़ोर्थ शहर में है जहाँ दोनों भाई पले-बढ़े.

मगर पीटर मोरान को ये तर्क नहीं पचा. वो कहते हैं, पोस्टबॉक्स तो वहाँ रंगा जाना चाहिए जहाँ विजेता भाई रहते हैं.

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