अब नहीं होता इंतजार: युवराज सिंह

 बुधवार, 5 सितंबर, 2012 को 20:53 IST तक के समाचार
युवराज सिंह, विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी

श्रीलंका में 18 सितंबर से शुरु हो रहे टी-20 क्रिकेट विश्व कप में भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें जिस क्रिकेटर पर सबसे ज्यादा टिकी होंगी वो हैं युवराज सिंह.

कैंसर से जंग जीतने के बाद युवराज ने टीम में वापसी की है और ये उनका पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा.

क्लिक करें क्लिक कीजिए और देखिए युवराज सिंह की तस्वीरें

"मेरे लिए ये बहुत बड़ा क्षण होगा. मैं इंतजार नहीं कर पा रहा हूं. मैं बल्ला थामने को बेताब हूं. मुझे नहीं पता कि मैं एक रन बनाऊंगा, या 20 रन बनाऊंगा. या कैच लूंगा. बस मेरा फोकस है क्रिकेट के मैदान में उतरना और खेलना."

युवराज सिंह, भारतीय क्रिकेटर

मुंबई में आयोजित एक प्रेसवार्ता में युवराज सिंह ने कहा, "मेरे लिए ये बहुत बड़ा क्षण होगा. मैं इंतजार नहीं कर पा रहा हूं. मैं बल्ला थामने को बेताब हूं. मुझे नहीं पता कि मैं एक रन बनाऊंगा, या 20 रन बनाऊंगा. या कैच लूंगा. बस मेरा फोकस है क्रिकेट के मैदान में उतरना और खेलना. यानी वो करना जो मुझे सबसे अच्छे से आता है."

'पूरी तरह से फिट हूं'

कई पूर्व क्रिकेटरों ने टी-20 विश्व कप में युवराज सिंह के चयन को लेकर सवाल उठाए और कहा था कि युवराज को अभी और फिट होने का मौका देना चाहिए था और इतनी बड़ी बीमारी से उबरने के इतनी जल्दी बाद उन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में नहीं खेलने देना चाहिए था.

2011 क्रिकेट विश्व कप के मैन ऑफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह की बीमारी का पता विश्व कप के बाद चला था.

युवराज ने इन सब आशंकाओं को निर्मूल करार देते हुए कहा, "मैं पूरी तरह से फिट हूं. मैंने नेशनल क्रिकेट एकेडमी में पिछले दो-तीन महीने से कड़ी प्रेक्टिस की है. मैं एक-एक सीढ़ी चढ़ते हुए यहां तक पहुंचा हूं."

'अकेले में रोता था'

हालांकि युवराज ने ये भी कहा कि जब वो बीमारी से जूझ रहे थे और इलाज करा रहे थे तो कई बार उन्हें लगता था कि अब वो दोबारा कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे.

उन्होंने कहा, "मैं चार सीढ़ियां चढ़ता था तो सांस फूल जाती थी. मैं एकांत में कई बार रोता भी था. लेकिन मेरी मां ने और मेरे दोस्तों ने मुझे बहुत हौसला दिया. एक बार मैं लेपटॉप पर मैच देख रहा था तो मुझे बहुत खराब लग रहा था कि मैं टीम का हिस्सा नहीं हूं. तब अनिल कुंबले मेरे पास आए और उन्होंने लैपटॉप बंद करा दिया और कहा कि अपनी सेहत पर ध्यान दो. सब ठीक हो जाएगा. इन्हीं सब लोगों की हौसला अफजाई से ही मैं वापसी कर पाया हूं."

"कैंसर की रोकथाम के लिए जरूरी है कि इसके शुरुआती लक्षण पता चलते ही इलाज शुरु हो जाए. मैं कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना चाहता हूं. "

युवराज सिंह, भारतीय क्रिकेटर

कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाएंगे

युवराज सिंह ने ये भी कहा कि अब उनका फोकस क्रिकेट पर है और साथ ही वो कोशिश करेंगे कि कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता फैला सकें.

युवराज ने कहा कि कैंसर की रोकथाम के लिए जरूरी है कि इसके शुरुआती लक्षण पता चलते ही इलाज शुरु हो जाए और इसके लिए वो छोटे छोटे शहरों में भी लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे और जागरुकता फैलाएंगे.

युवराज सिंह की कैंसर से जंग और उस पर विजय पाने की कहानी एक प्रोग्राम के तौर पर एक टीवी चैनल पर दिखाई जाएगी

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.