'ख़तरनाक' अफ़गानिस्तान से भिड़ेगा सजग भारत

धोनी अपने फिजियो के साथ
Image caption भारतीय गेंदबाजी धोनी की बड़ी चिंता है

श्रीलंका में जारी टी-20 विश्व कप क्रिकेट में बुधवार को भारतीय टीम का मुकाबला अफगानिस्तान से होगा.

ग्रुप ए में भारत और अफगानिस्तान के अलावा मौजूदा चैम्पियन इंग्लैंड भी है. लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की टीम अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच को लेकर खासी सजग भी रहेगी.

इस भिड़ंत के पहले भारत और अफगानिस्तान के बीच सिर्फ़ एक टी-20 मुकाबला हुआ है और उसे भारत ने आसानी से जीत लिया था.

लेकिन क्रिकेट के खेल में और ख़ासतौर से बीस-बीस ओवर के इस तेज़ क्रिकेट में कुछ भी कह पाना ज़रा जल्दबाजी होगी. अफ़गानिस्तान के पास कुछ तेज़-तर्रार और ख़तरनाक बल्लेबाज़ हैं जो भारत के मनसूबों के आड़े आ सकते हैं.

कहना ना होगा की भारत को इस मैच में सजग रहना पड़ेगा.

टीम अफगानिस्तान की बात हो तो वे अपना दूसरा टी-20 विश्व कप खेल रहे हैं और प्रतियोगिता में उतरने के पहले पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ एकदिवसीय मैच खेल कर आए हैं.

इस अफगान टीम की न तो कोई बड़ी साख दांव पर है और न ही कोई बड़ी आईसीसी रैंकिंग. ऐसी हर टीम किसी भी बड़ी प्रतियोगिता में खतरनाक हो जाती है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने की लालसा लिए अफगानिस्तान के युवा खिलाड़ी भारत के खिलाफ़ प्रेमदासा स्टेडियम में उतरेंगे.

मोहम्मद शहजाद इस टीम के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ हैं और एकदिवसीय क्रिकेट में अब तक 21 मैचों में 750 के करीब रन जुटा चुके हैं.

हालांकि अफगानिस्तान की टीम की जो कमी साफ़ दिखती है, वो है इनकी गेंदबाजी. हामिद हसन के अलावा अफगानिस्तान टीम में ऐसा गेंदबाज़ नहीं है जो अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों को आसानी से छका सकें.

लेकिन मंगलवार शाम बीबीसी हिंदी के सवाल पर जवाब देते हुए कप्तान नवरोज़ ने बताया है कि हामिद को चोट लगी है और वे भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे. भारतीय बल्लेबाजों को इससे राहत ज़रूर मिली होगी.

भारतीय परेशानी

प्रतियोगिता शुरू होने के पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की एक ही बड़ी चिंता है और वो है भारतीय गेंदबाजी.

आर अश्विन के अलावा किसी भी भारतीय गेंदबाज़ ने अभी तक अपनी छाप नहीं छोड़ी है. बालाजी तो बेहद लचर और असहाय दिखाई दिए हैं.

ज़हीर और भज्जी की गेंदबाजी में पैनापन नदारद है और पकिस्तान के खिलाफ हुए अभ्यास मैच में इरफ़ान पठान ने निराश किया था. भारतीय फील्डिंग में भी पैनापन कम दिखता है.

सलामी बल्लेबाजों वीरेंदर सहवाग और गंभीर को इस मैच को गंभीरता से लेते हुए अपने हाथ साफ़ करने की भी जरूरत है क्योंकि दोनों के फॉर्म को लेकर चिंता बनी हुई है.

सौ बात की एक बात यही है कि भारतीय बल्लेबाजों को इस मैच को पूरी गंभीरता से लेना होगा और बड़े फासले से जीतने कि कोशिश करनी होगी.

वजह साफ़ है. ग्रुप ए में भारत के अलावा इंग्लैंड की टीम भी शीर्ष स्थान पर रहने की कोशिश करेगी जिससे अगले दौर में मुकाबला थोड़ा आसान रह सके.

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