दो दिल मिल रहे हैं, मगर चुपके-छुपके....

 मंगलवार, 25 सितंबर, 2012 को 07:19 IST तक के समाचार
समुद्र किनारे प्रेमी जोड़े

कोलंबो के समुद्र तट पर बिल्कुल प्रेमी जोड़ों की वैसी ही भीड़ होती है जैसी किसी भारतीय स्पॉट में.

कोलंबो में समुद किनारे सैर करने निकलना है, तो ज़रा शर्माना पड़ेगा.

जी हां, मैंने तो ये सबक ले लिया है. कोलंबो के सबसे हसीन इलाक़ों में से एक है गॉल फेस.

वो इलाक़ा, जहां समुद्र के किनारे मुंबई की चौपाटी की तरह बेंच पड़ी रहती है, जहां हर पांच फुट पर एक रेड़ी वाला नारियल पानी के साथ-साथ चिप्स बेच रहा होता है और जहाँ गंदगी का नामोनिशान नहीं है.

ऐसे हसीन जगह हमेशा से युवा प्रेमियों को लुभाते हैं फिर चाहे वो भारत हो या श्रीलंका.

कुछ ऐसा ही मंज़र गॉल फ़ेस का है. यहां शनिवार और रविवार लोग अक्सर अपने कुनबों के साथ आते हैं मौज मस्ती और पिकनिक के लिए. लेकिन सोमवार से शुक्रवार तक यहाँ सैंकड़ों की तादाद में ऐसे प्रेमी जोड़े एकांत की तलाश में आते हैं.

मुस्तैद प्रेमी

गॉल फ़ेस के प्रेमी जोड़े मुझे मुंबई या दिल्ली के प्रेमी जोड़ों से थोड़े अलग लगे क्योंकि इनकी आंखें हमेशा तट पर आने वाले दूसरे लोगों पर लगी रहती है.

लगता है हर कोई ये जानने की कोशिश कर रहा होता है कि कहीं कोई जान-पहचान वाला तो उन्हें नहीं देख रहा.

इनमें से एक जोड़े से मेरी बात हुई, वो भी उनका नाम न पूछे जाने की शर्त पर. लड़के ने अपनी उम्र 25 साल बताई जबकि लड़की 24 साल की थी.

मेरा पहला सवाल था कि आप लोग यहाँ कब से आ रहे हैं? युवा ने जवाब दिया, "करीब पांच महीने हो गए. यहाँ आकर हमें बड़ा सुकून जो मिलता है. हम दोनों के घर कोलंबो के दूर दराज़ इलाक़ों में हैं. हमें पता है यहां कोई जानने वाला नहीं टकराएगा."

"हम दोनों के घर कोलंबो के दूर दराज़ इलाकों में हैं. हमें पता है यहां हमें कोई पहचानेगा नहीं.यहाँ आकर हमें बड़ा सुकून मिलता है."

मेरे लाख पूछने पर भी लड़की ने ये नहीं बताया कि क्या शहर में यहीं एकमात्र जगह है जहां प्रेमी छिपते आते हैं?

लेकिन उसके प्रेमी ने धीमे से बस इतना कहा, ''आप इसी से अंदाज़ा लगा लीजिए कि अब भी हमें समाज से बचकर एक दूसरे के लिए कुछ पल निकालने पड़ते हैं.''

बहराल मुझे अपना जवाब मिल गया था और मैंने सोचा कि क्यों इन बेचारों का समय ख़राब किया जाए.

वो समय जो इन जैसे प्रेमियों को बेहद मुश्किल से मिल पाता है.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.