टी-20 विश्व कप: फ़ाइनल में पहुँचने की जंग

 गुरुवार, 4 अक्तूबर, 2012 को 17:27 IST तक के समाचार

टी 20 विश्वकप के पहले सेमीफ़ाइनल में मेज़बान श्रीलंका और क्लिक करें पाकिस्तान आमने-सामने होंगे. इस प्रतियोगिता के इतिहास को देखते हुए दोनों टीमों के आंकड़े ज़रा अलग हैं.

जहां पाकिस्तान क्लिक करें टी-20 विश्वकप का ख़िताब जीतने के साथ-साथ 2007 के फ़ाइनल में हार भी चुकी है, वहीं श्रीलंका लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 2009 के फ़ाइनल मुकाबले में पाकिस्तान से आठ विकेट की करारी शिकस्त भी पा चुकी है.

मौजूदा प्रतियोगीता में ये दोनों ही टीमें क्लिक करें सुपर आठ मुकाबलों में अलग अलग ग्रुपों में थीं और इनकी डगर भी बिलकुल अलग रही है.

मज़बूत टीम

इन दोनों ही टीमों में से अगर किसी को दूसरे से ज़्यादा मज़बूत बताया जा रहा है तो वो श्रीलंका है. इसकी वजह भी क्योंकि श्रीलंका ने प्रतियोगिता में अभी तक सिर्फ़ एक मैच ही गंवाया है और वो भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ हुआ बारिश से बाधित ग्रुप मैच.

चाहे बल्लेबाज़ी हो या गेंदबाज़ी टीम हर विभाग में मज़बूत होती चली गई है. श्रीलंका की बल्लेबाज़ी बेहद मज़बूत दिख रही है और ख़ास बात ये भी है कि उनके बल्लेबाजों ने स्पिन के साथ साथ तेज़ गेंदबाजी का भी डट कर सामना किया है.

कप्तान जयवर्धने, कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान ज़बरदस्त फॉर्म में हैं और इनमे से हर कोई एक मैच विनर है. गेंदबाजी में मलिंगा का जलवा फिर चल रहा है और कप्तान की नई खोज कहे जा रहे धनंजय स्पिन में अजंता मेंडिस को टक्कर दे रहे हैं.

श्रीलंका के खिलाफ़ इस अहम मैच में एक चीज़ जो उनके खिलाफ़ जा सकती है वो है पूरी प्रतियोगिता के दौरान कोलंबो की पिच पर एक भी मैच न खेलना. जबकि विरोधी पाकिस्तान टीम ने अपने सभी मैच इसी मैदान पर खेले हैं.

साथ ही श्रीलंका के प्रशंसकों को भी एक लंबा इंतज़ार करना पड़ा है क्योंकि उनकी टीम पिछले पांच वर्षों से एक भी बड़ा फ़ाइनल नहीं जीत सकी है.

चुनौती

श्रीलंकाई बल्लेबाज़ स्पिन के साथ तेज़ गेंदबाजी का भी डट कर मुकाबला कर रहे हैं.

जबकि पाकिस्तान की टीम सेमीफ़ाइनल में अपने अच्छे खेल के साथ-साथ किस्मत से भी पहुंची है. हालांकि सुपर आठ में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया था लेकिन नेट रन रेट में बाज़ी मारते हुए पाकिस्तान की टीम सेमीफ़ाइनल में किसी तरह पहुंच ही गई.

हालांकि याद रखने की ज़रूरत है कि पिछले मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया की मज़बूत टीम को हराया है. लेकिन पाकिस्तान के साथ भी समस्या वही है जो भारत की थी.

टीम के प्रबंधन को लंबी माथापच्ची करने के बाद ग्यारह खिलाड़ियों का चयन करना होगा. शहीद अफ़रीदी फॉर्म से मीलों दूर हैं और तेज़ गेंदबाजों में उमर गुल और मोहम्मद समी नाकाम से रहे हैं.

इमरान नज़ीर और कप्तान हफीज़ भी लंबी देर तक विकेट पर नहीं टिक सकें हैं और अकमल भाइयों और नासिर जमशेद के अलावा बल्लेबाज़ी फीकी लगी है. हालांकि पाकिस्तान के स्पिनरों अजमल और राजा हसन ने कसी गेंदबाजी की है.

लेकिन श्रीलंका के बल्लेबजों को देखते हुए पाकिस्तान को अपने तेज़ गेंदबाजों के प्रदर्शन की ज़रुरत रहेगी.

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