वेस्टइंडीज़ बना टी-20 का नया विश्व चैंपियन

  • 8 अक्तूबर 2012
वेस्टइंडीज़
Image caption परेरा के आउट होने पर ख़ुशियां मनाते हुए वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी

रविवार को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी-20 विश्वकप के फ़ाइनल मुकाबले को जीतकर वेस्टइंडीज़ ने लगभग तीन दशक बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना लोहा मनवाया है. श्रीलंका को जीत के लिए 138 रन बनाने थे लकिन उनकी पूरी टीम 18.4 ओवर में 101 रन बनाकर आउट हो गई. और इस तरह वेस्टइंडीज़ ने 36 रनों से ये मैच जीत लिया.

श्रीलंका की हार के बाद उसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए कप्तान महेला जयवर्द्धने ने टी-20 कप्तान के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

वेस्टइंडीज़ की जीत में सबसे बड़ा योगदान रहा मलरेन सैमुअल्स का जिन्होंने पहले शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 56 गेंदों पर 78 रन बनाए और फिर गेंदबाज़ी करते हुए चार ओवर में 15 रन देकर एक विकेट लिए.

उनके इस हरफ़नमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया.

श्रीलंका की पारी

श्रीलंका की शुरुआत बेहद ख़राब रही. तिलकरत्ने दिलशान रामपॉल के पहले ओवर में ही शून्य पर क्लीन बोल्ड हो गए.

इसके बाद कप्तान महेला जयवर्धेने और कुमार संगकारा ने पारी को संभालने का प्रयास किया लेकिन रनों की रफ़्तार धीमी ही रही.

संगकारा संभल कर बल्लेबाज़ी कर रहे थे लेकिन 22 रनों पर बद्री की गेंद पर अपना विकट गँवा बैठे.

इसका बाद श्रीलंका को एक और बड़ा झटका लगा जब मैथ्यूस सैमी की गेंद पर आउट हो गए.

इस समय तक 10 ओवर पूरे हो चुके थे और श्रीलंका का स्कोर तीन विकट के नुकसान पर 51 रन था.

Image caption हरफ़नमौला खेल के लिए मलरेन सैमुअल्स को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.

जयवर्धेने अच्छी तरह क्रीज़ पर सेट थे लेकिन एक रिवर्स स्वीप करने के चक्कर में 33 रन के निजी स्कोर पर अपना विकट गँवा बैठे. इसके तुरंत बाद श्रीलंका टीम की कमर तब टूट गई जब उसके दो बल्लेबाज़ जल्दी जल्दी रन आउट हो गए.

मेंडिस और परेरा दो-दो रन के निजी स्कोर पर वेस्टइंडीज़ फील्डरों की बेहतरीन मेहनत का शिकार हुए.

13 ओवर ख़त्म होने तक श्रीलंका की पारी छह विकट के नुक़सान पर 63 रनों पर लड़खड़ा रही थी.

इसके तुरंत बाद श्रीलंका का सांतवा विकट गिरा और प्रेमदासा स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया. नुवन कुलासेखरा ने कुछ बढ़िया शॉट्स लगाते हुए चौकों और छक्कों की बरसात की जिससे दर्शकों की जान में जान आई.

लेकिन उनके आउट होने के बाद श्रीलंका की थोड़ी बहुत उम्मीद भी ख़त्म हो गई और जल्दी ही उनकी पूरी टीम आउट हो गई.

वेस्ट इंडीज़ की तरफ़ से सुनील ने नौ रन देकर तीन विकेट लिए जबकि सैमी ने छह रन देकर दो विकेट लिए.

गेल सस्ते में आउट

इससे पहले कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में टी-20 विश्वकप के फ़ाइनल मुकाबले में वेस्टइंडीज़ ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया.

इस मैच को क्रिस गेल बनाम श्रीलंका माना जा रहा था लेकिन मैच में श्रीलंका के गेंदबाज़ उसके बल्लेबाज़ों पर छाए रहे.

वेस्टइंडीज़ की पारी की शुरुआत करने पहुंचे क्रिस गेल और चार्ल्स. लेकिन उम्मीदों के विपरीत दोनीं ही बल्लेबाज़ नाकाम रहे.

चार्ल्स ने तो मैथ्यूस के पहले ओवर में ही बिना खाता खोले कुलासेखरा को कैच थमा दिया.

दूसरे छोर पर तूफानी बल्लेबाज़ क्रिस गेल को श्रीलंका के गेंदबाजों ने इस क़दर कस कर रखा था कि उन्हें अपने तीन रन बनाने के लिए पूरी 16 गेंदों का सामना करना पड़ा.

मेंडिस ने लगतार गेल को छकाया और उन्हें आउट भी किया.

लेकिन वेस्टइंडीज़ के सैमुएल्स ने एक छोर पर डट कर बल्लेबाज़ी की और रनों को गति दी. मार्लन सैमुएल्स ने 56 गेंदो में तीन चौकों और छह छक्कों की मदद से 78 रन बनाए.

वेस्टइंडीज़ का रन रेट एक समय में इतना ख़राब था कि 10 ओवर में उसकी झोली में मात्र 35 रन थे.

ब्रावो ने भी क्रीज़ पर आकर कुछ अच्छे शॉट्स लगाए लेकिन एक संदिग्ध फैसले पर मेंडिस की गेंद पर आउट हुए. पोलार्ड का भी विकट मेंडिस ने लिया और इसके बाद से वेस्टइंडीज़ की हालत और खस्ता होती चली गई.

रसेल को भी मेंडिस ने अपनी पहली गेंद पर शून्य पर ही चलता कर दिया. लेकिन सैमुएल्स दूसरे छोर पर डटे रहे और उन्ही की 78 रनों की पारी की बदौलत वेस्टइंडीज़ अपने निर्धारित बीस ओवरों में छह विकट के नुकसान पर 137 रन का स्कोर खड़ा कर सकी.

कप्तान सैमी ने भी केवल 15 गेदों पर महत्त्वपूर्ण 26 रनों की पारी खेली. श्रीलंका की ओर से अजंता मेंडिस ने अपने चार ओवर में सिर्फ़ 12 रन देकर चार विकट लिए.

टीम

वेस्टइंडीज़ ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया था जबकि श्रीलंका ने हेराथ की जगह धनंजय को शामिल किया.

मेज़बान श्रीलंका के फ़ाइनल में खेलने की बदौलत स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था और तिल भी रखने भर की जगह नहीं थी.

Image caption श्रीलंका ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बनाई

समर्थक श्रीलंका के झंडे लहरा रहे थे और गाना-बजाना पूरे मैच के दौरान जारी रहा. इससे पहले महिलाओं के मुकाबले में एक रोमांचक फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इंग्लैंड को चार रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमा लिया.

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फ़ाइनल का सफ़र

श्रीलंका और वेस्टइंडीज़ का फ़ाइनल तक पहुँचने का सफ़र एक दूसरे से थोड़ा अलग रहा.

टी-20 की आईसीसी विश्व रैंकिंग में नंबर एक टीम श्रीलंका ने प्रतियोगिता में सिर्फ़ एक मैच गंवाया और वो भी बारिश से बाधित दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुआ ग्रुप मैच.

इसके अलावा ज़िम्बाब्वे, न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड और यहाँ तक की ख़ुद वेस्टइंडीज़ को श्रीलंका ने आसानी से हरा दिया था.

वेस्टइंडीज़ की टीम ने श्रीलंका से हुआ अपना मैच भले ही गंवा दिया हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को सेमी फ़ाइनल में उसने बड़े अंतर से हराया.

वेस्टइंडीज ने 1975 और 1979 में वनडे विश्व कप जीता था. उसके बाद वह अब 32 साल बाद टी-20 विश्व चैंपियन बना है. वेस्टइंडीज़ की टीम ने इस बीच 2004 में आईसीसी चैंपियन्स ट्राफ़ी जीता था.

श्रीलंका के शेन वॉटसन को पूरे मैच के दौरान शानदार खेल के लिए 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' चुना गया. उन्होंने कुल 249 रन बनाए और 11 विकेट भी हासिल किए.

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