साइना ने लिया ओलंपिक हार का बदला

साइना नेहवाल
Image caption साइना नेहवाल ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था.

भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने वर्ष 2012 के ओलंपिक खेलों में चीन की यिहान वांग से मिली हार का बदला लेकर डेनमार्क सुपर सीरीज़ प्रतियोगिता के फ़ाइनल में जगह बना ली है.

विश्व की नंबर एक महिला खिलाड़ी यिहान वांग के विरुद्ध हुए सेमीफ़ाइनल में साइना नेहवाल ने पहला गेम बेहद आसानी से 21-12 से जीता और दूसरे गेम के बीच में ही यिहान ने अपने घुटने में लगी चोट के चलते हार मान ली.

लंदन ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली यिहान वांग अपनी चोट के कारण मैच के दौरान खासी पीड़ा में दिखी और दूसरे गेम के दौरान उनका खेल पाना असंभव सा लग रहा था.

दूसरे गेम में भी साइना नेहवाल के पास 12-7 की बढ़त थी और वे मज़बूत स्थिति में थी.

फ़ाइनल मुकाबले में साइना नेहवाल की भिडंत छठी वरीयता प्राप्त जर्मनी की जुलिएन शेंक से होगी.

जुलिएन ने पहले खेले गए सेमी फ़ाइनल मुकाबले में चीन की यांजीओं जिआंग को 13-21, 21-14, 21-15 से मात दी.

रिकॉर्ड

सातवी वरीयता प्राप्त जर्मनी की खिलाड़ी के विरुद्ध साइना का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है और उन्होंने अगर तीन मैच हारें हैं तो पांच में जुलिएन को हराया भी है.

हालांकि चीन की यिहान के विरुद्ध ये साइना की पहली जीत है और इससे पहले के छह मैचों में उन्हें पराजय ही हाथ लगी थी.

रहा सवाल फ़ाइनल की प्रतिद्वंदी जुलिएन का तो उन्होंने पिछले साल ही जापान ओपन प्रतियोगिता के दौरान साइना नेहवाल को फ़ाइनल मुकाबले में धाराशायी किया था.

हालांकि डेनमार्क ओपन के सेमीफ़ाइनल मुकाबले तक साइना बेहतरीन फॉर्म में दिखी हैं और यिहान के विरुद्ध भी उन्होंने लम्बी रैलियाँ खेलते हुए बढ़त ली.

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