इंडियन ग्रां प्री: फार्मूला वन से कठिन भारतीय सड़कें

फॉर्मूला वन टीम मैक्लेरन के ड्राइवर लूइस हेमिल्टन भले ही रेस ट्रैक पर शानदार हों, लेकिन भारतीय सड़कों पर उनके भी पसीने छूट जाते हैं.

इंडियन ग्रां प्री में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे लूइस हेमिल्टन से पूछा गया कि भारत में सड़कों पर गाड़ी चलाने का अनुभव कैसा रहा.

इस सवाल के जवाब में हेमिल्टन ने कहा, “मैं भारतीय सड़कों पर गाड़ी नहीं चलाता. भारतीय सड़कों के लिए मेरे पास ड्राइवर है. भारतीय सड़कें बहुत व्यस्त हैं. आज मैंने गाड़ी चलाने की कोशिश की लेकिन मैं समझ ही नहीं पाया कि हो क्या रहा है. मैं नहीं जानता कि हम कैसे किसी से टकराने से बच गए.”

हेमिल्टन ने कहा कि भारत की सड़कों पर चलती हुए गाड़ियों को देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भारत में ज़रूर शानदार फॉर्मूला वन ड्राइवर होंगे.

खास

जब उनसे पूछा गया कि भारतीय रेस को क्या खास बना सकता है तो उन्होंने कहा, “एक रेस को ट्रैक और दर्शक खास बनाते हैं. सिंगापुर और सिलवरस्टोन में रेस देखने की लिए दर्शकदीर्घा खचाखच भरी होती है. अगर भारत में भी दर्शक बड़ी संख्या में रेस देखने आएं तो रेस खास होगी.”

पिछले वर्ष हुई इंडियन ग्रां प्री की पहली रेस के दौरान लगभग एक लाख लोग मौजूद थे, लेकिन इस वर्ष टिकटों की बिक्री इतनी ज्यादा नहीं हुई है और अनुमान लगाए जा रहे हैं कि अबकी बार रेस का हाउसफुल होना मुश्किल है.

हेमिल्टन ने कहा कि भारतीय ट्रैक स्पीड के हिसाब से थोड़ा धीमा है लेकिन इसके मोड़ ड्राइवर के अनुभव की परीक्षा लेते हैं.

हैमिल्टन ने स्वीकार किया कि इस वर्ष के ड्राईवर्स खिताब की रेस से वो बाहर हो चुके हैं.

मर्सिडीज़ टीम में लुइस हैमिल्टन सात बार के चैंपियन माइकल शूमाकर की जगह लेगें जिन्होंने संन्यास लेने की घोषणा की है.

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