इंडियन ग्राँ प्री में रफ्तार की फ़ाइनल जंग

सेबेस्टियन वेटल
Image caption सेबेस्टियन वेटल एक बार फिर ख़िताब के प्रबल दावेदार हैं.

ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर रविवार को हो रही दूसरी इंडियन ग्रां प्री फॉर्मूला-वन रेस में जर्मनी के वर्ल्ड चैम्पियन सेबेस्टियन वेटल की कार सबसे आगे खड़ी होगी जहां वे एक बार फिर अपने तमाम प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़कर खिताब़ अपने नाम करने की पुरज़ोर कोशिश करेंगे.

पोल पोजिशन रेस में पहले दोनों स्थानों पर रेडबुल का दबदबा है जहां वेटल के ठीक पीछे ऑस्ट्रेलिया के मार्क वेबर होंगे.

फॉर्मूला वन में एकमात्र भारतीय ड्राइवर एचआरटी के नारायण कार्तिकेयन हैं जो क्वालीफाइंग दौर में 24 ड्राइवरों में 23वें स्थान पर रहे थे.

क्वालिफाइंग रेस के दौरान 311 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार दौड़ाने वाले वेटल को मार्क वेबर, फ़र्नान्डो अलोंसो और लुइस हेमिल्टन जैसे धुरंधरों से चुनौती मिल सकती है.

वेटल इस साल चार रेस पहले ही अपने नाम कर चुके हैं. बहरीन, सिंगापुर, जापान और कोरिया में फतह के बाद वेटल यदि रविवार को इंडियन ग्रां प्री जीत लेते हैं तो ये एक फॉर्मूला वन सीज़न में उनकी पाँचवीं जीत होगी.

रफ्तार के इस खेल को देखने के लिए आम लोगों के साथ ही कई नेताओं और फिल्मी सितारों के भी पहुंचने की संभावना है.

शूमाकर 14वें नंबर पर

ऋतिक रोशन जहां फ्लैग ऑफ कर रेस शुरू होने का संकेत देंगे, वहीं रेस खत्म होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री विजेताओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित करेंगे.

फॉर्मूला वन रेस की तकनीकी बारीकियों की समझ भले ही ज्यादा लोगों को ना हो, लेकिन भारत में इसकी लोकप्रियता में इजाफा हो रहा है.

मैक्लॉरेन के फॉर्मूला वन ड्राइवर लुइस हैमिल्टन भी इस खेल की भारत में बढ़ती लोकप्रियता से हैरान हैं.

मर्सिडीज़ टीम के भारत में लोकप्रिय ड्राइवर माइकल शूमाकर 14वें नंबर से रविवार की रेस शुरू करेंगे.

फ़ोर्स इंडिया की दोनों कारें 12वें और 16वें नंबर से शुरुआत करेंगी. 12वें नंबर से निको हल्कनबर्ग और 16वें से पॉल डि रेस्ट ट्रैक पर उतरेंगे.

फ़रारी विवाद

इस रेस की शुरुआत से पहले ही फ़रारी टीम के अपनी कार पर इतालवी नौसेना का झंडा लगा लेने की वजह से विवाद हो गया था. उसे केरल में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप का सामना कर रहे इतालवी नौसैनिकों के समर्थन में लगाया गया माना गया.

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने आपत्ति भी व्यक्त की थी, हालाँकि फ़रारी टीम के आधिकारिक बयान के अनुसार वो झंडा सिर्फ़ इटली की नौसेना के प्रति आदर-सम्मान व्यक्त करने के लिए लगाया गया है और उसके राजनीतिक अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए.

संबंधित समाचार