सौरभ गांगुली ने आईपीएल को कहा अलविदा

  • 29 अक्तूबर 2012
सौरव गांगुली
Image caption गांगुली अब आईपीएल में भी नहीं खेलेंगे

लंबे समय तक भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज़ रहे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. इससे पहले उन्होंने सिर्फ अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से ही संन्यास लिया था.

लेकिन गांगुली बंगाल में प्रथम श्रेणी का क्रिकेट खेलते रहते थे ताकि वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बेहतर प्रदर्शन कर सके.

लेकिन पिछले साल की हार के बाद उन्होंने आईपीएल को भी अलविदा कहने का फैसला लिया है. दादा का कहना है, “आईपीएल-6 के खत्म होते-होते मैं 41 साल का हो जाऊंगा और इस फॉर्मेट में खेलने के लिए काफी दमखम चाहिए होता है जो अब मेरे शरीर के लिए काफी दिक्कत पैदा कर सकता है."

बाएं हाथ के खिलाड़ी गांगुली का कहना है कि उन्होंने पिछले सीज़न के दौरान ही ये बातें पुणे वॉरियर्स के अधिकारियों को स्पष्ट कर दी थी.

दादा कहते हैं, “आईपीएल में एक कप्तान को बहुत सी जिम्मेदारियां निभानी होती है. आप कई सवालों के लिए जवाबदेह होते हैं. ये ज्यादा अच्छा है कि आप देश के लिए कप्तानी करें. कम से कम यहां आपसे फोन करके कोई ये नहीं पूछता कि गलती क्यों हुई?”

पूर्व कप्तान का कहना है, “पांच सीजन तक आईपीएल खेलना मेरे लिए काफी अच्छा रहा. इसने मुझे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने के बाद भी अव्वल श्रेणी का मौका दिया. लेकिन मैं हमेशा के लिए मैं नहीं खेल सकता, और मैंने फ्रैंचाइजी मालिक से साफ कर दिया है कि आईपीएल-6 के लिए मेरा चयन ना करें.”

अभी कोच नहीं बनना

गांगुली से जब ये पूछा गया कि कोच बनना उनके एजेंडे में है या नहीं तो उन्होंने कहा कि कोच बनने के लिए अभी लंबा समय बचा हुआ है.

उन्होंने कहा, “अगर कोई मुझे कोई बतौर खिलाड़ी भी संपर्क करता है तो मैं साफ मना कर दूंगा. अगर मैं पूणे के लिए नहीं खेल रहा हूं तो मैं बंगाल के लिए भी नहीं खेलूंगा. हर सीजन में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना संभव नहीं है. खासतौर पर तब जब आपको पता है कि आप भारत के लिए नहीं खेलने जा रहे हैं. मैं बंगाल के लिए खेलता रहा क्योंकि मुझे आईपीएल में प्रदर्शन करना था.”

बंगाल क्रिकेट के भविष्य के बारे में गांगुली का कहना था कि बंगाल क्रिकेट अच्छे हाथों में है. वे उन्हें शुभकामनाएं देते हैं.

1990 में बंगाल के लिए इडेन गार्डेन मैदान से करियर शुरू करने वाले गांगुली पिछले साल दिसंबर में इस मैदान में आखिरी बार रणजी मैच में खेले थे.

Image caption भारत के सफलतम कप्तानों में एक सौरव गांगुली.

गांगुली की कप्तानी में एक समय भारत ने 49 टेस्ट मैचों में 21 टेस्ट मैच अपने नाम किए थे, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के सफलतम कप्तान बने थे.

गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन बनाए, जबकि 311 एक दिवसीय मैचों में उन्होंने 11,363 रन जोड़े. गांगुली के नाम 254 प्रथम श्रेणी के मैच हैं.

गांगुली ने अपना आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच नागपुर टेस्ट में खेला. ये मैच नवंबर, 2008 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेला गया था.

टीम इंडिया में गांगुली का नाम चार सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज में लिया जाता है, जिनमें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के नाम शामिल हैं.

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