क्या अगले तेंदुलकर हैं विराट कोहली?

 बुधवार, 14 नवंबर, 2012 को 07:48 IST तक के समाचार
विराट कोहली

ये क़रीब 12 साल पुरानी बात है जब भारत ने कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ खेले गए टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.

इसके ठीक बाद हुए मैच में हार की कगार पर खड़ी भारतीय टीम को वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की 376 रनों की शतकीय पारी ने लगातार 16 मैचों में जीत दर्ज करने वाली ऑस्ट्रेलिया टीम की इस सिलसिलेवार जीत पर रोक लगा दी थी.

इसके ठीक एक सप्ताह बाद चेन्नई में सचिन तेंदुलकर के शानदार 100 रनों की पारी ने भारत को इस सीरिज़ में जीत दिलाई थी.

लेकिन जैसा कि होना लाज़मी था आज भारत के पास ऐसे दिग्गज बल्लेबाज़ों की तिकड़ी मौजूद नहीं है.

इस बीच भारत को टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक का दर्जा दिलाने वाले और विश्वकप जीतने में अहम योगदान दिलाने वाले बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और युवराज सिंह की उम्र 30 के आसपास की हो गई है.

ऐसे में इस नए दौर में भारतीय क्रिकेट का नेतृत्व करने की ज़िम्मेदारी विराट कोहली सरीख़े खिलाड़ियों पर आ जाती है और जो इसके लिए तैयार भी हैं.

नई पीढ़ी

बीबीसी स्पोर्ट से बातचीत करते हुए विराट कोहली ने कहा, ''किसी ना किसी समय पर युवा खिलाड़ियों को आगे आना ही होगा. इस बदलाव को रोका नहीं जा सकता है और हमें आने वाली चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना होगा.''

"किसी ना किसी समय पर युवा खिलाड़ियों को आगे आना ही होगा. इस बदलाव को रोका नहीं जा सकता है और हमें आने वाली चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना होगा"

विराट कोहली

हाल-फिलहाल के दिनों में विराट कोहली काफी अच्छे फॉर्म में दिखे हैं.

एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैंचों में उन्होंने 50 के औसत से रन बनाया है और चार टेस्ट मैचों में दो शतक और तीन अर्धशतक लगाए हैं.

टी-20 विश्वकप में भी उन्होंने सुपर-8 में पाकिस्तान के खिलाफ़ 78 रन बनाए थे.

पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कार जहां उन्हें भारतीय क्रिकेट बैटिंग का भविष्य मानते हैं वहीं साथी खिलाड़ी अश्विन कोहली के अनुसार विराट अपने आप को भारतीय टीम के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर स्थापित कर चुके हैं.

अश्विन कहते हैं, ''वो पिछले दो सालों से हमारे प्रमुख बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने हर बार अपने आप को साबित किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और मुझे पूरी उम्मीद है कि वे अगले पांच-छह सालों तक ऐसा ही खेल खेलते रहेंगे.''

दक्षिण अफ्रीका के कोच गैरी कर्सट्न ने कोहली को आगे बढ़ते देखा है. वे कहते हैं, ''उसने अपने खेल पर काफी काम किया है और आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में उन्होंने एक बल्लेबाज़ के रुप में बड़ा मकाम हासिल किया है. वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो जल्दी आउट नहीं होते हैं.''

"पूर्व भारतीय खिलाड़ियों के मुक़ाबले विराट का स्वभाव बिल्कुल अलग है. अगर आप उनपर हमला करेंगे तो वे भी बदले में ऐसा ही करेंगे. वे क्रिकेट के पिच में लड़ने से नहीं डरते."

डिर्क नैन्स, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी

अपने रोमांचक खेल और आत्मविश्वास के कारण विराट कोहली धीरे-धीरे टीम में सचिन तेंदुलकर की जगह लेते जा रहे हैं. उनके पास ढेरों प्रायोजकों के प्रस्ताव हैं, वे टेलीविज़न पर छाए रहते हैं और एशिया भर में आप कहीं भी उनके बड़े-बड़े इश्तेहार देख सकते हैं.

ज़िम्मेदारी और गर्व

विराट कहते हैं, ''मैंने इस पल का हमेशा से इंतज़ार किया है. हम चाहते हैं कि लोग हमसे उम्मीद करें. मैं सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं बनना चाहता बल्कि मैं टीम का अहम् बल्लेबाज़ बनना चाहता हूं.''

लेकिन तेंदुलकर और द्रविड़ सरीख़े खिलाड़ियों से की जा रही तुलना से वे कैसे निपटते हैं?

इसपर विराट कहते हैं, ''लोगों का मुझसे उम्मीद करना, मुझे दबाव कम और गर्व की अनुभूति ज्य़ादा देता है.''

विराट के मुताबिक ये दबाव उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है. उनके अनुसार, ''लोगों का मुझपर जो विश्वास है मैं उसे मैदान पर उतारने की कोशिश करता हूं. मुझे खुशी है कि मैं ये कर पा रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा.''

हालांकि कोहली के अबतक के अंतरराष्ट्रीय करियर विवादों में भी घिरा रहा है. उनपर दिसंबर में सिडनी में हुए दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसकों को अपशब्द कहने पर जुर्माना भी ठोंका गया था.

सचिन द्रविड़

सचिन, द्रविड़ और गांगुली भारत के तीन प्रमुख बल्लेबाज़ रहे हैं

इसके अलावा एडिलेड में अपना पहला टेस्ट शतक बनाने के बाद ज्य़ादा उत्साहित होने के लिए भी उनकी आलोचना की गई थी.

आईपीएल प्रतियोगिता में रॉयल चैलेंजर्स टीम में उनके साथी रहे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डिर्क नैन्स के मुताबिक, ''पूर्व के भारतीय खिलाड़ियों के मुक़ाबले उनका स्वभाव बिल्कुल अलग है. अगर आप उनपर हमला करेंगे तो वे भी बदले में ऐसा ही करेंगे. वे क्रिकेट के पिच में लड़ने से नहीं डरते. मेरे ख्याल से शायद यही वो वजह है जो वो मैदान पर ज्य़ादा से ज्य़ादा चुनौतियों का सामना कर पाते हैं. वे एक सुपरस्टार हैं.''

और जैसे-जैसे इंग्लैंड अहमदाबाद में होने वाले अपने पहले टेस्ट मैच की तैयारी कर रहा है, कोहली ने भी अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया है.

वे कहते हैं, ''ये बेहद ज़रुरी है. अच्छी टीमों के खिलाफ़ रन बनाना हमेशा अच्छा होता है. हम उनका अच्छी तरह से स्वागत करेंगे.''

विराट कोहली चाहते हैं कि दिन-ब-दिन वे एक क्रिकेटर के तौर पर और बेहतर काम करें. वे चाहते हैं कि वे भारतीय क्रिकेट टीम के महानतम खिलाड़ियों की पंक्ति में शामिल हो सकें.

उनके मुताबिक तेंदुलकर, लक्ष्मण और द्रविड़ ने जो काम भारतीय क्रिकेट के लिए किया अगर ये टीम उसका 60 - 70 प्रतिशत भी काम कर पाती है तो ये टीम के लिए काफी अच्छा होगा.

ऐसे में ये ज़रुरी है कि इंग्लैंड की सावधान हो जाए.

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