राजीव राम होंगे बोपन्ना के नए जोड़ीदार

  • 19 नवंबर 2012
Image caption रोहन बोपन्ना ने राजीव राम के साथ बनाई जोड़ी.

भारत के मेहेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी एटीपी वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट के फाइनल में स्पेन के मार्से ग्रानोलेयर और मार्क लोपेज की जोड़ी से हार गई. पांचवी वरीयता प्राप्त ये जोड़ी इतिहास बनाने से चूक गई. अब तक किसी भारतीय जोड़ी ने इस टूर्नामेंट को नहीं जीता है.

भारत के महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी एटीपी वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट के फाइनल में स्पेन के मार्से ग्रानोलेयर और मार्क लोपेज की जोड़ी से हार गई. इस हार के साथ ही दोनों ने अपनी जोड़ी बदलने का फैसला किया है.

भूपति अगले सीजन में डेनियल नेस्टर के साथ खेलेंगे जबकि बोपन्ना राजीव राम के साथ. पेश है बीबीसी संवाददाता दीप्ति कार्की से रोहन बोपन्ना की खास बातचीत.

टूर्नामेंट हारने के साथ ही अलग होने का फैसला क्यों?

मेहेश आगे कितने दिन और खेलेंगे ये कुछ तय नहीं था ऐसे में मुझे एक नए खिलाड़ी की जरूरत थी. जाहिर सी बात है कि मैं ये चाहूंगा कि किसी के साथ जोड़ी बनाऊं और मैंने राजीव राम को अपना पार्टनर चुना.

पहली बार वर्ल्ड टूर फाइनल में खेलना कैसा था आपके लिए?

ये पारी खेलना मेरे लिए कई मायनों में विशेष था. डबल्स प्लेयर्स के लिए ये सबसे बड़ा टूर्नामेंट होता है. 40 हजार से ज्यादा लोग टूर्नामेंट देख रहे होते हैं एक खिलाड़ी के लिए ये बहुत बड़ी बात होती है.

फाइनल में विरोधी टीम को झेलना कितना कठिन था?

दुनिया की तमाम बड़ी जोड़ियां इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेती है इसलिए टूर्नामंट तो शुरू से ही काफी कठिन था, आखिरी के मैंच यहां तक कि सेमिफाइनल भी और फिर फाइनल ही फाइनल ही होता है.

आपने एहसान उल्ला कुरैशी को क्यों नहीं चुना?

मैंने बात की थी लेकिन वो अभी जूलियन रोजर के साथ खेल रहे हैं और अभी वो इस जोड़ी को तोड़ना नहीं चाहते.

महेश और कुरैशी के साथ खेलते हुए क्या फर्क आपको समझ आता है. आपके लिए कौन सबसे अच्छे पार्टनर रहे?

मैंने और कुरैशी ने अच्छा खेला. हम लोगों ने साथ-साथ काफी कुछ सीखा भी. महेश के साथ खेलते हुए उनके अनुभवों का काफी फायदा हुआ क्योंकि वो हमसे काफी सीनियर थे. दोनों के बीच कोई तुलना नहीं है. महेश में जूझते रहने की जबरदस्त क्षमता है और ये हमने उनसे ही सीखा.

चेन्नई ओपन के लिए तैयार हैं आप?

बिल्कुल, थोड़ा सा वक्त खुद को देने के बाद मैं चेन्नई ओपन की तैयारी शुरू करूंगा.

भारत जैसे देश में जहां क्रिकेट को ज्यादा तरजीह दी जाती है आपने टेनिस में कैसे खेलना शुरू किया?

शायद से व्यक्तिगत खेल है जहां आप मेहनत कर के आप बहुत दूर तक पहुंच सकते हैं. खराब या अच्छा जो भी होता है इस खेल में आपके उपर निर्भर होता है. मैं स्कूल में क्रिकेट और हॉकी भी खेला हूं. टेनिस खेलना मैंने बाद में शुरू किया था.

टेनिस के अलावा आपकी पसंद क्या है?

बॉलीवुड फिल्मे अच्छी लगती है. 'जबतक है जान' मैंने अभी देखी है. आमिर खान मेरे पसंदीदा अभिनेता हैं और मैं उनकी फिल्म तलाश का इंतजार कर रहा हूं. गाने सुनता हूं. मैं गिटार बजा लेता हूं.

प्रसिद्धि पाने के बाद कैसा लगता है?

आपकी कोई निजी जिंदगी नहीं रह जाती. हर वक्त आपको नाप-तौल कर बोलना होता है.

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