दिल जीतने के लिए खेलेगी पाकिस्तान टीम

  • 25 दिसंबर 2012
पाकिस्तान क्रिकेट टीम
Image caption पाकिस्तान की टीम टी 20 मैच में भारत से कभी जीत नहीं पाई है

बैंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मंगलवार को भारत-पाक सिरीज़ का पहला टी-20 मैच खेला जाएगा.

एक तरफ जहां लगातार खराब प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम पर सिरीज़ जीतने का भारी दबाव है, वहीं दूसरी तरफ मेहमान टीम के कप्तान मोहमम्द हफीज़ का कहना है कि उनकी टीम मैच के साथ-साथ दिल भी जीतना चाहेगी.

भारतीय टीम लगातार क्रिकेट खेल रही है. अभी दो दिन पहले टीम मुंबई में इंग्लैंड के साथ खेल रही थी और अब सामने पाकिस्तान की चुनौती है.

सचिन तेंदुलकर के वनडे से संन्यास और कम अनुभवी गेंदबाज़ी आक्रमण के मद्देनज़र आने वाले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान की टीम भारत का कड़ा इम्तहान लेगी.

भारतीय टीम में तेज़ गेंदबाजी का भार जहां ईशांत शर्मा के साथ परविंदर अवाना और बंगाल के सामी के कंधों पर है तो पाकिस्तान टीम में उमर गुल, सोहैल तनवीर और नए गेंदबाज इरफान भारतीय बल्लेबाज़ों को कड़ी चुनौती देंगे.

वहीं स्पिन डिपार्टमेंट में भी अजमल और हफीज़ की जोड़ी भारतीय टीम से मुश्किल सवाल पूछेगी.

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मानते हैं कि भारत-पाक मैचों में पुराना रिकॉर्ड और फॉर्म ज्यादा मायने नहीं रखता और वो मौजूदा पाकिस्तान टीम को अपनी टीम पर भारी नहीं मानते हैं.

टीम ने सोमवार दोपहर बाद स्टेडियम में अभ्यास किया. नेट्स से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी ने कहा, "पाकिस्तान के पास बढ़िया गेंदबाज़ी आक्रमण है लेकिन मेरा अनुभव कहता है कि इस तरह के मैचों में जीत इस बात पर निर्भर करती है कि उस दिन टीम के सभी खिलाड़ी कैसा खेलते हैं और कितना दबाव में प्रदर्शन कर पाते हैं."

बेहतर रिकॉर्ड

भारत अब तक टी 20 में पाकिस्तान से कोई भी मैच नहीं हारा है. साल 2007 से लेकर अब तक दोनों टीमों ने सिर्फ तीन टी 20 मैच खेले हैं जिनमें भारत को दो बार जीत मिली है जबकि एक मैच टाई रहा है.

साल 2007 का टी 20 वर्ल्ड कप भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में जीता था और फाइनल में पाकिस्तान को ही हराया था.

बतौर कप्तान वो धोनी की पहली सिरीज थी. उसके बाद धोनी ने टेस्ट, वन डे और टी 20 में कई सफलताएं हासिल कीं, लेकिन पिछले डेढ़ साल से टीम का खराब फ़ॉर्म अब धोनी की कप्तानी पर भी असर डाल रहा है.

क्रिकेट के जानकारों और आम दर्शकों के दुलारे धोनी अब लगातार आलोचना झेल रहे हैं और उनके खेल में भी पहले वाली चमक फीकी पड़ने लगी है.

ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ खराब प्रदर्शन करना धोनी के लिए काफी महंगा पड़ सकता है.

दिल जीतना है

दूसरी तरफ एक ऐसे कप्तान हैं जो दो साल पहले तक टीम में अपनी जगह को लेकर भी आश्वस्त नहीं थे.

मोहमम्द हफीज कभी गेंदबाजी के लिए तो कभी मध्य क्रम में बल्लेबाजी के लिए चुने जाते थे. लेकिन अब पाकिस्तान टीम में वो बतौर ओपनर स्थापित हो चुके हैं और कई बार उन्होंने क्रिकेट के छोटे फॉ़र्म में गेंदबाजी की भी शुरुआत की है.

मीडिया के सामने जब हफीज आए तो उन्होंने कहा कि उनकी टीम बढ़िया क्रिकेट खेलने आई है लेकिन वो, सिर्फ मैच जीतने ही नहीं बल्कि दिलों को जीतने भी भारत आए हैं.

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