सचिन का विकेट लेने से बदलेगी ज़िंदगी?

  • 16 जनवरी 2013
अभिषेक सिन्हा

अभिषेक सिन्हा का नाम क्रिकेट की दुनिया में एक अनजाना नाम है. लेकिन उनके एक कारनामे ने उन्हें काफ़ी चर्चा दी है. उन्हें उम्मीद है कि उनके इस कारनामे की बदौलत उनकी ज़िंदगी बदल सकती है.

बिहार के सिवान ज़िले के जामो बाज़ार के निवासी अभिषेक सिन्हा की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है. बात ही कुछ ऐसी है.

अपने आदर्श क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का विकेट लेकर अभिषेक गदगद हैं. लेकिन उनकी इच्छा है कि मुंबई के ख़िलाफ़ सर्विसेज़ की टीम रणजी ट्राफ़ी का सेमी फ़ाइनल मैच जीते.

बाएँ हाथ के स्पिनर अभिषेक सिन्हा ने दिल्ली में चल रहे रणजी ट्रॉफ़ी के सेमी फ़ाइनल मैच में सचिन तेंदुलकर का विकेट उस समय लिया, जब वे अर्धशतक बना चुके थे.

सचिन ने अभिषेक की एक गेंद पर छक्का मारा और अगली गेंद पर छक्का मारने की कोशिश में कैच थमा बैठे. अभिषेक तो ख़ुशी में झूम ही उठे, साथ ही उनके साथियों ने भी इस विकेट का जश्न मनाया.

रणनीति

बीबीसी के साथ बातचीत में अभिषेक ने कहा, "दुनिया का कोई भी गेंदबाज़ सचिन का विकेट लेना चाहेगा. तो इससे बढ़कर ख़ुशी क्या हो सकती है कि किसी गेंदबाज़ को सचिन का विकेट मिला."

अभिषेक ने बताया कि उन्होंने सचिन के ख़िलाफ़ ख़ास रणनीति बनाई थी. उनकी रणनीति थी कि गेंद की लाइन और लेंथ सही रहे. उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में सचिन के खेल पर बारीकी से नज़र रखी थी.

लेकिन सचिन का विकेट लेने के बाद भी अभिषेक की प्राथमिकता है रणजी में सर्विसेज़ की टीम मुंबई को हराए.

अभिषेक मानते हैं कि किसी छोटे शहर से राष्ट्रीय स्तर तक आना आसान नहीं, लेकिन एक बार प्रदर्शन से जगह मिल जाती है, तो सब आसान लगने लगता है.

उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय सर्विसेज़ की टीम को दिया और कहा कि उन्होंने जो भी हासिल किया, वो सर्विसेज़ के माध्यम से ही हासिल किया है.

अभिषेक को लगता है कि सचिन का विकेट लेने के बाद शायद उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी मौक़ा मिल सकता है.

अभिषेक भारतीय सेना में काम करते हैं और मानते हैं कि सेना में अनुशासन के माहौल के कारण क्रिकेट में भी फ़ायदा होता है.

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