डोपिंग के बिना जीतना संभव न था: आर्मस्ट्रांग

  • 18 जनवरी 2013
लांस आर्मस्ट्रांग की माफी
Image caption टीवी इंटरव्यू में मांगी माफी

मशहूर साइकिलिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने माना है कि उन्होंने टूअर डि फ्रांस में सात बार खिताबी जीत के दौरान प्रदर्शन बढ़ाने वाली प्रतिबंधित दवाओं का सेवन किया था.

41 वर्षीय आर्मस्ट्रांग ने ये बात मशहूर अमरीकी टीवी एंकर ओपेरा विनफ़्री के साथ इंटरव्यू के दौरान कबूली.

उन्होंने कहा, “मैं इस स्थिति को एक बड़े झूठ की तरह देखता हूं जो मैंने बहुत बार दोहराया है. वो मेरे फैसले थे, वो मेरी गलतियां थीं और मैं यहां उनके लिए माफी मांगता हूँ.”

वर्षों तक डोपिंग से इनकार करने वाले आर्मस्ट्रांग ने हर बात को खुल कर कबूल किया है. उन्होंने यहां तक कहा है कि डोपिंग के बिना उनका जीतना ही मुमकिन नहीं था.

'देरी से उठाया गया कदम'

लांस आर्मस्ट्रांग ने ‘द ओप्रा विन्फ्री नेटवर्क’ पर ‘ओप्रा’ज़ नेक्स्ट चेप्टर’ कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं.

आर्मस्ट्रांग ने कहा कि वो बहुत झूठ बोलते रहे. आर्मस्ट्रांग ने माना कि इस वक्त उनका आरोप कबूलना बहुत से लोगों को देरी से उठाया गया गया कदम लगेगा.

लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ये खेल जगत का सबसे बड़ा डोपिंग कांड है.

पिछले साल जब अमरीका की डोपिंग विरोधी एजेंसी ने आर्मस्ट्रांग को 'सिलसिलेवार डोपिंग' का जिम्मेदार ठहराया तो उनके सभी टूअर डे फ्रांस खिताब छीन लिए गए थे.

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी वर्ष 2000 के सिडनी ओलंपिक में आर्मस्ट्रांग का जीता कांस्य पदक छीन लिया है.

क्या क्या कबूला

वर्षों तक डोपिंग से इनकार करने के बाद उन्होंने विनफ़्री के सामने माना कि 1999 से 2005 के दौरान उन्होंने जितने भी खिताब जीते, सबके लिए उन्होंने प्रदर्शन को बढ़ाने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया.

उन्होंने माना कि डोपिंग टूअर डे फ्रांस को 'जीतने की प्रक्रिया का हिस्सा थी'. इन दवाओं के लेते वक्त आर्मस्ट्रांग को ऐसा नहीं लगा कि वो कुछ गलत काम कर रहे हैं और उन्होंने पकड़े जाने का भी कोई डर नहीं था.

आर्मस्ट्रांग ने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी उन पर ही आती है. आर्मस्ट्रांग ने माना कि जो लोग उन्हें पसंद नहीं थे, वो उनकी धौंस और धमकी का शिकार बनते थे.

आर्मस्ट्रांग ने बताया कि 1990 के दशक के मध्य में जब उन्होंने कैंसर से लड़ाई लड़ी तो उनके अंदर 'हर कीमत पर जीतने की भावना' घर कर गई.

लेकिन अब उन्होंने कहा कि वो साइकलिंग में डोपिंग की छानबीन कर रहे अधिकारियों से पूरा सहयोग करेंगे.

हीरो से ज़ीरो

अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग यूनियन ने एक अगस्त 1998 के बाद आर्मस्ट्रांग के सभी ख़िताब छीन लिए थे और उन पर आजीवन पाबंदी लगा दी थी.

अमरीका की डोपिंग विरोधी एजेंसी ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया है. एजेंसी ने आर्मस्ट्रांग के बारे में कहा था कि वे 'डोपिंग के खिलाड़ी' थे.

वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता जेन-ओ-ब्रायन के मुताबिक पिछले कुछ समय से अफवाहें फैली हैं कि आर्मस्ट्रांग अपने ऊपर लगे आरोप कबूलना चाहते हैं ताकि वो साइकिलिंग के पेशेवर खेल में वापस कदम रख सकें.

लेकिन आरोप कबूलने के बाद साइकिलिंग जगत और कैंसर पीड़ितों के बीच आर्मस्ट्रांग की छवि भी और धूमिल हो सकती हैं.

वो एक महानतम साइकिलिस्ट से अब एक धोखेबाज खिलाड़ी के रूप में देखे जाने लगे हैं.

संबंधित समाचार