पाकिस्तान सुपर लीग में कितनी है दिलचस्पी?

पाकिस्तान सुपर लीग को लोगो
Image caption पाकिस्तान का टी 20 टूर्नामेंट, पीएसल, इस वर्ष मार्च-अप्रैल में खेला जाएगा.

सुरक्षा चिंताओं के बावजूद कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के ट्वेन्टी 20 क्रिकेट टूर्नामेंट, पाकिस्तान सुपर लीग का हिस्सा बनने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है.

ये कहना है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, आईसीसी, के पूर्व मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गाट का जो इस टूर्नामेंट के शीर्ष सलाहकार हैं.

लोर्गाट के मुतबाकि इस दो सप्ताह के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले क्रिकेटर कम से कम एक लाख डॉलर तक कमा सकते हैं.

उन्होंने खिलाड़ियों की यूनियन के प्रमुख टिम मे के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में इसलिए नहीं खेलेंगे क्योंकि पाकिस्तान में असुरक्षा का माहौल है.

'पूरी दुनिया के क्रिकेटरों की दिलचस्पी'

बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में हारून लोर्गाट ने कहा, "खिलाड़ियों ने पहले से ही हस्ताक्षर कर प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर दी है. इस टूर्नामेंट में कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों, प्रायजकों और प्रसारणकर्ताओं की दिलचस्पी देखकर मैं काफ़ी हैरान हूं. फ़िलहाल मैं इनके नाम नहीं उजागर कर सकता लेकिन ये खिलाड़ी पूरी दुनिया से हैं."

पाकिस्तान सुपर लीग, पीएसएल, इस वर्ष 26 मार्च से 7 अप्रैल तक खेली जाएगी.

माना जा रहा है कि इस टूर्नामेंट के ज़रिए आयोजक दिखाना चाहते हैं कि वर्ष 2009 में लाहौर में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर बंदूकधारियों के हमले के बाद से पहली बार देश चोटी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट की मेज़बानी के लिए तैयार है.

इस घटना में सात पुलिसकर्मी मारे गए थे और छह क्रिकेटर घायल हो गए थे.

'असुरक्षा का माहौल'

लेकिन खिलाड़ियों का संगठन, फेडरेशन ऑफ़ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (फ़ीका) के मुख्य कार्यकारी टिम मे खिलाड़ियों से इस टूर्नामेंट से दूर रहने के लिए कह रहे हैं क्योंकि उन्हें पाकिस्तान में सुरक्षा माहौल के बारे में एक स्वतंत्र सुरक्षा कंपनी से चिंताजनक रिपोर्ट मिली है.

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर टिम मे ने बीबीसी को पिछले सप्ताह बताया, "सुरक्षा सलाहकारों ने हमें बताया है कि पाकिस्तान में क्रिकेट दौरा करने में खतरा है. मुझे लगता है कि आप देखेंगे कि ज़्यादातर मौजूदा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हमारी सलाह मानेंगे."

लेकिन हारुन लोर्गाट ने टिम मे की इस सलाह को नकारते हुए कहा है कि लाहौर कई और जगहों से ज़्यादा सुरक्षित है. पीएसएल के मैच लाहौर में खेले जाएंगे.

लोर्गाट ने कहा, "मैं टिम की चिंता समझ सकता हूं लेकिन मुझे नहीं लगता कि ये सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान या लाहौर गई हैं और ज़मीन पर स्थिति का मुआयना किया है."

वर्ष 2008 से 2012 तक आईसीसी के मुख्य कार्यकारी रहे लोर्गाट ने आगे कहा, "पिछले कुछ महीनों में मैं कई मौकों पर लाहौर गया हूं और जो कुछ मैंने वहां देखा है, उससे मैं संतुष्ट हूं. मुझे ये भी पता चला है शहर के कुछ असुरक्षित इलाकों में मैच नहीं होंगे."

अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेज़बानी की कोशिश

पीएसएल के लिए खिलाड़ियों के लिए 24 फरवरी को बोली लगाई जाएगी और खिलाड़ियों को विभिन्न वर्गों में बांटा गया है.

डायमंड कैटेगरी में खिलाड़ियों के लिए बोली एक लाख डॉलर से शुरु होगी. प्लैटिनम कैटेगरी में 75000 डॉलर, गोल्ड कैटेगरी में 50,000 डॉलर, और सिल्वर कैटेगरी में 25000 डॉलर से बोली शुरु होगी जबकि उभरते खिलाड़ियों को 5000 से 10000 डॉलर तक दिए जाएंगे.

ब्रिटेन से छपने वाले द डेली टेलीग्राफ़ के मुताबिक टूर्नामेंट में खेलने के लिए खिलाड़ियों को 20 लाख डॉलर तक के जीवन बीमा कवर का प्रस्ताव दिया गया है.

हारुन लोर्गाट मानते हैं कि पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय मैचों के दोबारा खेले जाने की दिशा में पाकिस्तान सुपर लीग एक अहम कदम है. पिछले चार साल से पाकिस्तान अपने ज़्यादातर घरेलू मैच संयुक्त अरब अमीरात में खेले हैं.

उन्होंने कहा, "ये कहा जा सकता है कि पिछले कुछ साल पाकिस्तान के लिए अच्छे नहीं रहे हैं और टीम अपने देश में नहीं खेल पाई है. साथ ही ये बात भी समझी जा सकती है कि ज़्यादातर क्रिकेट खेलने वाले देश वहां नहीं जाना चाहते थे लेकिन इस तरह की स्थिति हमेशा नहीं रह सकती. हम क्रिकेट परिवार के सदस्य हैं और हमें पाकिस्तान को समर्थन देने की पूरी कोशिश करनी चाहिए. इसके बिना पाकिस्तान के लिए क्रिकेट में विकास और दिलचस्पी बरकरार रखना मुश्किल होगा."

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