कितनी रुचि जगा पाएगा महिला विश्वकप?

महिला क्रिकेट विश्वकप
Image caption विवादों के साये में महिला क्रिकेट विश्वकप का आयोजन.

अपने समकक्ष पुरुष खिलाड़ियों के आस-पास होने वाले शोर-शराबे से अछूती भारत की महिला क्रिकेट टीम मुंबई में गुरुवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ विश्वकप में अपने अभियान का आगाज़ करने के लिए तैयार है.

पाकिस्तानी टीम के मैचों को सुरक्षा कारणों से मुंबई से कटक स्थानांतरित किए जाने की वजह से महिला विश्व कप पहले से ही सुर्खियों में आ चुका है.

विवाद का दूसरा दौर तब शुरू हुआ जब कटक के होटलों ने पाकिस्तानी टीम को ठहराने से इनकार कर दिया था.

महिला विश्वकप ग्रुप-ए के मैचों का आयोजन मुंबई में और ग्रुप-बी के मैच कटक में खेले जाएंगे.

टूर्नामेंट में भारत ग्रुप-ए में है जबकि ग्रुप-बी में पाकिस्तान के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान रखे गए हैं.

ग्रुप-ए में भारत के मुकाबले में इंग्लैंड, श्रीलंका और वेस्टइंडीज हैं.

टीम के चेहरे

कप्तान मिताली राज के अलावा भारतीय टीम का दारोमदार पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी, बल्लेबाज पूनम राउत और विकेटकीपर सुलक्षणा नाइक पर होगा.

गेंदबाजी की कमान गौहर सुल्ताना और निरंजना नागराजन पर होगी.

दुनिया की नंबर एक बल्लेबाज और भारतीय टीम की कप्तान मिताली राज ने कहा, “हमारे पास झूलन गोस्वामी, अमिता शर्मा और उपकप्तान हरमनप्रीत कौर जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी हैं. पिछला विश्व कप खेलने वाली थिरुष कामिनी और करुणा जैन ने टीम में वापसी की है. मुझे उम्मीद है कि इस तरह की जुगलबंदी से हम बहुत अच्छा खेलेंगे.”

लगातार पांचवीं बार विश्वकप में खेल रही शैरलेट एडवर्ड्स की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम चौथी बार ट्रॉफी जीतने के लिए एक फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ मुंबई के मैदान में उतरेगी.

कांटे का मुकाबला

Image caption पुरुषों के क्रिकेट की तुलना में महिला क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी कम ही देखी गई है.

पहले दौर में दूसरे और तीसरे स्थान के लिए कांटे का मुकाबला है. चार साल पहले की बनिस्पत वेस्टइंडीज की टीम कहीं बेहतर स्थिति में है.

अगर फॉर्म के नजरिए से देखें तो शशिकला श्रीवर्धने के नेतृत्व वाली श्रीलंका की टीम सुपर-सिक्स में पहुंचने में नाकाम हो सकती है.

नवंबर 2011 में ढाका में हुए महिला विश्वकप के क्वालिफाइंग मैचों में चौथे स्थान पर रहकर श्रीलंका को टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला है.

एक और जहां इंग्लैंड की टीम में आठ ऐसे खिलाड़ी हैं जो वर्ष 2009 की विजेता टीम में खेल चुके हैं वहीं वेस्ट इंडीज की टीम में अनुभव के अलावा नए चेहरे भी शामिल किए गए हैं.

त्रिनीडाड मूल की मेरिसा एग्विलेरिया की कप्तानी वाली वेस्टइंडीज टीम में दो जुड़वां बहने भी खेल रही हैं. यह अपनी तरह का अनोखा मामला है.

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