आईपीएल-6: बड़ी ख़ामोशी के साथ हुई नीलामी

आईपीएल-5
Image caption पिछला आईपीएल शाहरूख़ ख़ान की कोलकाता नाइट राइडर्स ने जीता था

चेन्नई में रविवार को आईपीएल यानि इंडियन प्रीमीयल लीग के छठे संस्करण के लिए दुनिया भर के क्रिकेट खिलाड़ियो की बोली लगी.

इसमें कुल मिलाकर 101 खिलाड़ी शामिल थे.

ज़्यादा तर लोगों को उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क सबसे महंगे खिलाड़ी के तौर पर बिकेंगे, लेकिन हुआ इसका उलटा क्योंकि क्लार्क को उनके बेस प्राइस पर ही ख़रीदा गया.

सबसे चौकाने वाली नीलामी रही ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल कि जिन्हे मुंबई इंडियंस ने पांच करोड़ तीस लाख रूपए में ख़रीदा.

लेकिन पूर्व भारतीय टेस्ट खिलाड़ी मनिंदर सिंह का मानना है कि इस बार नीलामी को लेकर ज़्यादा हो-हल्ला नही हुआ.

ज़्यादा हो-हल्ला नहीं

बीबीसी से बातचीत के दौरान मनिंदर सिंह ने कहा, ''सबको मालूम है कि इस बार ज़्यादा खिलाड़ियों को ख़रीदने से कोई फ़ायदा नही है क्योंकि अगले साल सभी टीमें दो-तीन खिलाड़ियों को छोड़कर सभी खिलाड़ियों की नए सिरे से नीलामी करेंगी.''

मनिंदर सिंह आगे कहते है कि सभी फ्रेंचाइज़ी अपना काफ़ी पैसा पहले ही ख़र्च कर चुकी है.

मनिंदर सिंह के अनुसार, ''सभी टीमों ने जो भी खिलाड़ी ख़रीदे है, उनका एक ही मुख्य उद्देश्य था कि वह अपनी टीम की बल्लेबाज़ी मज़बूत करे, शायद इसी लिए मुंबई इंडियंस ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिग को दो करोड़ एक लाख रूपए में ख़रीदा.''

इसके अलावा सभी फ्रेंचाइज़ी टीमें यह भी चाहती है कि वह जिस भी खिलाडी को ख़रीदे वह पूरे सीज़न उनके लिए खेले न कि बीच में छोड़कर चला जाए.

शायद इसीलिए न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ जेसी राइडर ने पहले ही कह दिया था कि वह आईपीएल की ख़ातिर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली सिरीज़ भी छोडने के लिए तैयार है.

मनिंदर सिंह इसे सही फ़ैसला बताते हुए कहते है कि लोग देश की बाते बहुत करते है, लेकिन जब खिलाड़ी टीम से बाहर हो जाता है तो उसे मानसिक और वित्तिय सुरक्षा की ज़रूरत होती है जो देश नही देता, ऐसे में अगर खिलाड़ी ऐसा करता है तो क्या बुरा है.

वही इस बार की ख़ामोश नीलामी को लेकर दिल्ली डेयरडेविल्स के सलाहकार और बीसीसीआई के पूर्व मीडिया मैनेजर अमृत माथुर कहते है कि दरअसल सिर्फ़ हैदराबाद की एक नई टीम थी जिसे खिलाड़ियों की अधिक ज़रूरत थी, अन्यथा तो बाक़ी टीमो को मालूम ही है कि अब केवल एक सीज़न बचा है.

सभी टीमे पहले से ही बनी हुई है, नीलामी में उनके लिए ज़्यादा कुछ था नही, अगले सीज़न में हो सकता है नए क़ानून बने, इसलिए बहुत कम खिलाड़ी इस नीलामी में बिके.

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