क्या मोहाली में जौहर दिखा पाएँगे शिखर धवन?

  • 14 मार्च 2013
Image caption धवन मानते हैं कि टेस्ट में सफल होने के लिए उन्हें संयम के साथ बल्लेबाज़ी करनी पड़ेगी. (तस्वीर पीटीआई)

वीरेंदर सहवाग को खराब फ़ॉर्म की वजह से भारतीय क्रिकेट टीम में जगह नहीं मिलने के बाद जिस खिलाड़ी पर सबकी नज़र है वो हैं शिखर धवन.

शिखर धवन को वीरेन्दर सहवाग की जगह टीम में शामिल किया गया है और गुरुवार से मोहाली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में बतौर सलामी बल्लेबाज़ के रूप में खेलना लगभग तय है.

इससे पहले शिखर धवन भारत के लिए पाँच एकदिवसीय और एक ट्वेंटी-ट्वेंटी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके है. यह भी इत्तेफ़ाक़ है कि शिखर धवन को अपना पहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अवसर भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही मिला था.

अब यह बात अलग है कि तब वह अपना खाता भी नही खोल पाए थे. वह मैच 20 अक्तूबर 2010 को विशाखापत्तनम में खेला गया था.

घरेलू मैचों में प्रदर्शन

शिखर धवन का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सिरीज़ में चुना जाना तब लगभग तय हो गया था जब उन्होने ईरानी ट्रॉफी में शेष भारत के लिए खेलते हुए रणजी चैंम्पियन मुबंई के खिलाफ मुरली विजय के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की, जो टीम की जीत में भी सहायक साबित हुई.

इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड ए के खिलाफ 110 रनों की शतकीय पारी भी खेली थी.

वैसे शिखर धवन का नाम पहली बार तब सुर्ख़ियो में आया जब उन्होंने 2003-04 में बांग्लादेश में हुए अंडर-19 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में 505 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुने गए.

प्रथम श्रेणी स्तर पर शिखर धवन अभी तक 81 मैचों की 133 पारियों में 16 शतक और 24 अर्धशतको की मदद से 5679 रन बना चुके है.

शिखर धवन का जलवा आईपीएल में भी देखने को मिला है और पिछले सत्र में तो वह सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले शीर्ष तीन बल्लेबाज़ो में भी शामिल रहे.

सचिन से मिली सलाह

धवन कहते हैं, “मेरे प्रदर्शन में निरंतरता आईपीएल के मैचों से ही आई. वहाँ दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियो के साथ खेलने का अवसर मिला, एक नया आत्मविश्वास भी मिला कि मैं भी दुनिया के टॉप बल्लेबाज़ों के बीच टॉप पर रह सकता हूँ. इसके बाद मेरा यह रणजी सीज़न भी अच्छा गया.”

शिखर धवन अभी तक आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, मुंबई इंडियंस और डेक्कन चार्जस के लिए खेल चुके है. मुंबई इंडियंस के लिए खेलने के दौरान सचिन तेंदुलकर से मिले अनुभव की बात चलने पर शिखर धवन कहते है कि सचिन हमेशा आगे बढ़ने का हौसला देते हैं, कभी भी सलाह देने में हिचकिचाते नहीं, हमेशा तनावमुक्त रहने की कोशिश करते हैं.

वैसे धवन मानते हैं कि उनकी पहचान एक आक्रामक बल्लेबाज़ के रूप में बनी हुई है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में सफल होने के लिए उन्हें संयम के साथ बल्लेबाज़ी करनी पड़ेगी.

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