चेन्नई आईपीएल मैचों में नहीं खेलेंगे श्रीलंकाई खिलाड़ी

श्रीलंकाई गृह युद्ध के दौरान मानवाधिकारों के कथित हनन के मुद्दे का साया भारत में होने वाले आईपीएल पर भी पड़ रहा है.

आईपीएल गर्विनंग काउंसिल ने तय किया है कि कि चेन्नई में होने वाले मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे

दरअसल तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया था कि वो बीसीसीआई से कहें कि उनके राज्य में श्रीलंकाई खिलाड़ी और अधिकारी आईपीएल मैच खेलने न आएँ.

इस पत्र के बाद आईपीएल गर्विनंग काउंसिल की बैठक हुई और कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की गई. बैठक के बाद तय किया गया कि कि चेन्नई में होने वाले मैचों में श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे.

आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने पत्रकारों को बताया, "जयललिता जी के पत्र के बात हमने तय किया कि चेन्नई मैच रद्द नहीं होगा लेकिन वहाँ श्रीलंका के खिलाड़ी नहीं खेलेंगे."

भारत ने श्रीलंका के खिलाफ वोट किया

श्रीलंका में हुए गृह युद्ध के दौरान तमिलों के खिलाफ कथित ज़्यादतियों का मामला पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रहा है.

चेन्नई में आईपीएल में कई मैच होने हैं और 10 से ज़्यादा श्रीलंकाई खिलाड़ी विभिन्न टीमों का हिस्सा हैं. चेन्नई सुपर किंग्स में भी श्रीलंका के दो खिलाड़ी हैं.

आईपीएल में कई श्रीलंकाई खिलाड़ी

मुंबई की ओर से खेलने वाले लसिथ मलिंगा वहाँ के स्टार खिलाड़ी हैं. तो डेल्ही डेयरडेविल्स के तो कप्तान ही श्रीलंका के हैं- महेला जयवर्धने.

कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में मानवाधिकारों के हनन से जुड़े अमरीकी प्रस्ताव को मंजूर किया गया था और भारत ने भी इस प्रस्ताव के समर्थन में वोट डाला था.

भारत का रुख रहा है कि वो मानवाधिकारों के हनन के मामलों की “स्वतंत्र और विश्वसनीय” जांच कराए.

तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी डीएमके ने इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार से अपने मंत्रियों को हटा लिया था. डीएमके चाहती थी कि भारत इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करे.

भारत की राजनीति के बाद अब श्रीलंकाई तमिलों के मामले ने क्रिकेट को भी अपनी चपेट में ले लिया है. इस बार का आईपीएल तीन अप्रैल से शुरु हो रहा है

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