अब होगा विजेंदर सिंह का डोप टेस्ट

  • 2 अप्रैल 2013
Image caption विजेंदर सिंह लंदन औलंपिक में कोई पदक नहीं जीत पाए थे

बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर सिंह का नाम हेरोइन स्कैंडल में आने के बाद खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी नाडा से कहा है कि वह विजेंदर सिंह का डोप टेस्ट करे.

खेल मंत्रालय के दबाव के चलते विजेंदर सिंह डोप टेस्ट कराने के लिए तैयार हो गए हैं. अभी तक वह किसी भी परीक्षण से बचते रहे हैं. लेकिन अब वे अपने मूत्र और खून का सैंपल देने के लिए सहमत हो गए हैं लेकिन अब भी वे अपने बाल का सैंपल देने के लिए तैयार नहीं हैं.

ड्रग स्कैंडल में विजेंदर सिंह का नाम आने के एक महीने बाद खेल मंत्रालय ने इस मामले में हस्तक्षेप करने का फैसला किया है.

नाडा के निदेशक मुकुल चटर्जी को भेजे गए संदेश में खेल मंत्रालय ने कहा है कि विजेंदर सिंह के हेरोइन लेने के बारे में आ रही खबरें परेशान करने वाली हैं. इस लिए उनका जल्द से जल्द परीक्षण कराया जाए और इसके परिणाम मंत्रालय को सूचित कर दिए जाएं.

12 बार सेवन

विजेंदर सिंह इस बात का खंडन करते रहे हैं कि उन्होंने हेरोइन का सेवन किया है.पंजाब पुलिस ने रविवार को वक्तव्य जारी कर कहा था कि विजेंदर ने कथित ड्रग तस्करों से हेरोइन लेने के बाद 12 बार उसका सेवन किया था.

इस मामले में पुलिस ने कनाडा में रहने वाले ड्रग डीलर अनूप सिंह कहलों उर्फ़ रूबी को 3 मार्च को गिरफ़्तार किया था और उनके पास से 26 किलो हेरोइन बरामद हुई थी जिसका मूल्य 130 करोड़ रुपए आँका गया था.

पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने कहा था, "यह अब सिद्ध हो चुका है कि मुक्केबाज राम सिंह ओर विजेंदर सिंह ने दिसंबर 2012 और फ़रवरी 2013 के बीच निजी इस्तेमाल के लिए कहलों और उसके साथी रॉकी से हेरोइन ली थी."

खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि अगर विजेंदर सिंह इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उनको इसकी सज़ा दी जाएगी. संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस समय पंजाब पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है.

जब जाँच पूरी हो जाएगी और किसी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया जाएगा तो हम ज़रूर कार्रवाही करेगे. इस मामले में विजेंदर सिंह के साथी राम सिंह को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है.

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