पाबंदी के ख़िलाफ़ अपील हार गए सलमान बट

  • 17 अप्रैल 2013
सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर
पाकिस्तान के तीन क्रिकेटरों को दोषी पाया गया था

स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में लगाई गई पाबंदी के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सलमान बट और मोहम्मद आसिफ़ की अपील ख़ारिज हो गई है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने सलमान बट पर 10 साल और मोहम्मद आसिफ़ पर सात साल की पाबंदी लगाई थी.

वर्ष 2010 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर जान-बूझकर नो बॉल फेंकने का आरोप लगा था. इस मामले की जाँच हुई और फिर आरोप सही साबित हुए.

सलमान बट के वकीलों ने कहा है कि वे खेल से संबंधित मामलों में मध्यस्थता करने वाली अदालत (सीएएस) के फ़ैसले से निराश हैं और अभी उन्होंने हार नहीं मानी है.

अगस्त 2010 के लॉर्ड्स टेस्ट में सलमान बट पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान थे. स्पॉट फ़िक्सिंग के मामले में बट और मोहम्मद आसिफ़ के अलावा मोहम्मद आमिर को भी दोषी ठहराया गया था.

पाबंदी

मोहम्मद आमिर उस समय 18 साल के थे. उन पर पाँच साल की पाबंदी लगाई गई थी और छह महीने जेल की सज़ा भी सुनाई गई थी.

स्पॉट फिक्सिंग का ये मामला उस समय सामने आया जब न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के अंडरकवर पत्रकार ने स्पोर्ट्स एजेंट मजहर मजीद से संपर्क किया. मजीद ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आसिफ और आमिर एक खास समय पर तीन नो बॉल फेंकेंगे.

मजहर मजीद भी अपनी भूमिका के लिए इस समय जेल में हैं. उन्होंने अंडरकवर पत्रकार को ये भी बताया था कि वे पिछले दो साल से मैच फिक्स कर रहे हैं और उनके संपर्क में पाकिस्तान के सात खिलाड़ी हैं.

अदालत ने सुनवाई के बाद सलमान बट को ढाई साल, मोहम्मद आसिफ को एक साल और मोहम्मद आमिर को छह महीने की सजा सुनाई थी.

मोहम्मद आमिर को तीन महीने बाद ही पिछले साल फरवरी में रिहा कर दिया गया था. जबकि मोहम्मद आसिफ़ को भी छह महीने बाद पिछले साल मई में रिहा कर दिया गया. सलमान बट भी जून 2012 में जेल से छूट गए थे.

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