क्रिकेट इस वक्त बुरी तरह से शर्मसार है

आईपीएल के मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों ने क्रिकेट प्रेमियों को हिला कर रख दिया है.

इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल जब अपने मुकाबले के आखिरी दौर में पहुंच रही थी और जिस वक्त ये मुकाबले हर लम्हें दिलचस्प होते जा रहे थे उसी वक्त दुनिया के इस शानदार खेल पर कयामत टूट पड़ी.

किसी ने सोचा भी न था कि श्रीसंथ जैसा राष्ट्रीय खिलाड़ी पैसों की लालच में दर्शकों और अपने खेल के साथ दगा कर सकता है.

मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित वो तस्वीरें बहुत ही दुखदायी हैं जिनमें श्रीसंत और उनके दो साथी खिलाड़ियों को सामान्य अपराधियों की तरह चेहरे पर काला कपड़ा पहनाए अदालत ले जाते हुए दिखाया जा रहा था.

यही खिलाड़ी कल तक अपने खेल के दम पर क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहे थे.

शोहरत और दौलत

पुलिस अब तक मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई और कोच्चि से 15 से ज्यादा सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर चुकी है.

खेलों में स्पॉट फिक्सिंग का ये मामला दूर तक फैला हुआ है और पुलिस आगे भी कई मैचों की पड़ताल कर रही है.

क्रिकेट के खेल में कामयाब होना परियों की कहानियों की तरह लगता है.

सफल क्रिकेट खिलाड़ी बहुत ही कम उम्र में न सिर्फ़ लोकप्रियता और सम्मान हासिल कर रहे हैं बल्कि बहुत से खिलाड़ी करोड़ों रुपए कमा रहे हैं. क्रिकेट शोहरत और दौलत का दूसरा नाम बन चुका है.

क्रिकेट की मुख्यधारा में जमे रहने के लिए खिलाड़ियों को सख्त मुकाबले से गुजरना पड़ता है.

एक वक्त था जब सिर्फ दो देशों के बीच मैच हुआ करते थे और सिर्फ एक ही राष्ट्रीय टीम हुआ करती थी लेकिन आईपीएल ने क्रिकेट की पूरी दुनिया ही बदल कर रख दी है.

इसमें आठ से ज्यादा टीमें खेल रही हैं. आईपीएल ने क्रिकेट को लोकप्रियता और दौलत की नई ऊँचाईयों पर पहुंचा दिया है.

सट्टे का कारोबार

Image caption स्पॉट फिक्सिंग की वजह से क्रिकेट प्रशंसकों में बहुत नाराजगी है.

फिल्मी सितारे और बड़े बड़े उद्योगपति क्रिकेट टीमों और खिलाड़ियों के मालिक बन गए हैं. दौलत के साथ-साथ इसमें ग्लैमर भी शामिल हो गया है.

छोटे-छोटे दूर दराज के शहरों से आए हुए कामयाब खिलाड़ी जिनमें अभी कुछ तो युवावस्था से ही गुजर रहे हैं, वे अचानक कोरोड़ों में खेलने लगे हैं.

क्रिकेट का खेल अपनी जगह कायम रहा लेकिन अब वो सिर्फ दौलत हासिल करने का ज़रिया भर बनता चला गया.

क्रिकेट कई हज़ार करोड़ रुपए का गेम बन गया है. अचानक और बेपनाह दौलत ने लालच को जन्म दिया. सैंकड़ों देशी और विदेशी सट्टेबाज भी इसी मौके की तलाश में थे.

दौलत के लालच में कई खिलाड़ी इनके जाल में फंस गए. पुलिस का दावा है कि सट्टेबाज सिर्फ एक ओवर में खराब बॉलिंग के लिए 60-60 लाख रुपए तक दे रहे थे.

सट्टे का कारोबार पूरे देश में फला हुआ है.

बोर्ड की जिम्मेदारी

खुद पुलिस का अंदाजा है कि आईपीएल के बड़े मैचों के दौरान चंद मिनटों में सट्टे से अरबों रुपए के वारे-न्यारे होते है.

इसका मतलब ये है कि सट्टेबाजी में पूरे देश में गैर कानूनी तौर पर बहुत से लोग हिस्सा ले रहे हैं.

आईसीसी की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा के एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि इतने बड़े पैमान पर चल रहे ये जुआ क्या पुलिस की जामकारी के बिना मुमकिन है?

सच्चाई जो भी हो क्रिकेट इस वक्त बुरी तरह शर्मसार हैं. बहुत से क्रिकेटर 1999 से भारतीय क्रिकेट बोर्ड को मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के खतरों से खबरदार करते रहे हैं.

लेकिन बोर्ड ने कभी भी इस मसले को गंभीरता से नहीं लिया.

आज अगर कुछ खिलाड़ियों ने क्रिकेट और उसके चाहने वालों को शर्मिंदा किया है तो इस स्पॉट फिक्सिंग के इस खेल में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है.

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