श्रीनिवासन पर घमासान, पवार ने चुप्पी तोड़ी

Image caption आईपीएल में गड़बड़ी का मामला इस बार श्रीसंथ समेत तीन खिलाड़ियों की गिरफ्तारी से शुरू हुआ.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने स्पॉट फिक्सिंग के मामले में आईपीएल की जांच समिति पर सवाल उठाए हैं.

मीडिया से बात करते हुए शरद पवार ने कहा कि इस मामले में दिल्ली और मुंबई पुलिस ने पहले से ही आपराधिक मामला दर्ज किया हुआ है, उस स्थिति में बीसीसीआई की समिति क्या करेगी?

शरद पवार ने ये भी मांग की कि आईपीएल के सभी मैचों की जाँच होनी चाहिए.

बीसीसीआई ने इस मामले में एक जांच समिति का गठन किया है. इस जांच समिति में हाई कोर्ट के दो पूर्व न्यायाधीश शामिल हैं.

ख़ुद बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मेयप्पन इस समय मुंबई पुलिस की हिरासत में हैं.

गृह मंत्रालय

शरद पवार ने ये भी कहा कि इस मामले में संगठन के पूर्व चेयरमैन शशांक मनोहर का सुझाव सही था कि इसे गृह मंत्रालय को सौंप दिया जाना चाहिए.

शशांक मनोहर ने कहा था कि आईपीएल का मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया जाए. जो इसमें घोटालों और दूसरे मुद्दों की जांच करे.

हालांकि शरद पवार ने इस मामले पर सीधी तरह से कुछ नहीं कहा कि क्या श्रीनिवासन को पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए या नहीं लेकिन समिति पर उठाए गए सवाल का लगभग यही मतलब लगाया जा रहा है.

बुधवार को इस मामले पर बयान देते हुए आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ल ने कहा था कि समिति में बाहर के लोगों को इसलिए रखा गया है ताकि उसकी निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठ सकें.

राजीव शुक्ल ने कहा कि उन्होंने और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष अरूण जेटली ने श्रीनिवासन को सलाह दी है कि जांच पूरी होने तक वो ख़ुद को इस प्रक्रिया से हटा ले. लेकिन श्रीनिवासन पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि वो पद पर बने रहेंगे.

(क्या आपने बीबीसी हिन्दी का नया एंड्रॉएड मोबाइल ऐप देखा? डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार