आईपीएल विवाद के साये में धोनी की टीम पर कितना दबाव?

आईपीएल-6 में छाए स्पॉट फिक्सिंग के सवालो के बीच भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनो इंग्लैंड में है जहाँ वह आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेगी.

भारतीय कप्तान महेंन्द्र सिंह धोनी ने स्पॉट फिक्सिंग से जुडे सवालो के जवाब ना तो इंग्लैंड रवाना होने से पहले भारत में दिए और ना ही वहॉ पहुँचने के बाद.

उन्होंने बस यही कहा कि समय का इंतज़ार कर रहे हैं.

अब धोनी की चुप रहने की नीति कितनी सही है या ग़लत इसे लेकर जाने-माने खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली ने कहा, "ऐसा तो होना ही था क्योंकि एक तो इसमें पुलिस और बोर्ड की जांच चल रही है, अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है. अभी तो केवल शक है."

आईपीएल की घटनाएँ

Image caption धोनी और विराट कोहली.

लोकपल्ली आगे कहते हैं, "अब इसमें महेंन्द्र सिंह धोनी क्या जवाब दें? न तो वो ये कह सकते हैं कि यह ग़लत है और न ही कह सकते है कि कुछ हुआ ही नहीं है. दरअसल यह उनके अधिकार क्षेत्र में ही नही है."

लोकपल्ली का मानना है कि धोनी का काम क्रिकेट खेलना है और क्रिकेट से बाहर अगर कोई जांच चल रही है तो उस पर तो वह टिप्पणी नही करेंगे और ऐसे में जब टीम एक दौरे पर है और क्रिकेट एक मुश्किल दौर से गुज़र रहा है तो धोनी अगर इस मुद्दे पर कुछ नही बोलते हैं तो इसमें ताज्जुब की क्या बात है.

हालांकि धोनी ने इंग्लैंड पहुँचकर कहा कि आईपीएल की घटनाओ का टीम के प्रदर्शन पर कोई असर नही पड़ेगा.

इस बारे में मनिंदर सिंह मानते है कि चैंम्पियन्स ट्रॉफी जल्दी ही शुरू होने वाली है और धोनी पर इसका दबाव तो जरूर होगा.

टीम की मानसिक स्थिति

Image caption शिखर धवन पर सबकी नजरें टिकी होंगी.

वह कहते हैं, "ये नही कि बोर्ड अध्यक्ष के दामाद पकडे गए हैं बल्कि कुछ खिलाडियों जैसे श्रीसंत, चव्हाण या चंदेला के नाम सामने आने से जो कालिख भारतीय खिलाडियो के चेहरे पर लगी है उसका असर तो टीम पर ज़रुर पडेगा."

इसी मुद्दे पर भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ नयन मोंगिया कहते हैं, “इस सारे मामले के सामने आने से ताज्जुब तो बहुत हुआ लेकिन भारतीय टीम पर इसका असर नही पड़ेगा क्योंकि टीम पहले भी इस तरह की परिस्तिथियों का सामना कर चुकी है. धोनी टीम को संभालने में पूरी तरह से सक्षम है.”

टीम की मानसिक स्थिति को लेकर विजय लोकपल्ली का मानना है कि कुछ खिलाड़ियों ने ग़लत काम किया इससे उनकी छवि तो ज़रूर खराब हुई है.

मनोबल पर असर

Image caption रामचंद्रन अश्विन (फाइल फोटो).

लोकपल्ली कहते हैं, "जहाँ तक चैंम्पियंस ट्रॉफी की बात है तो वहाँ टीम के मनोबल पर ज़्यादा असर नही होगा क्योंकि टीम घर से दूर है और वह अखबार नही पढ़ेगी, टेलीविज़न नही देखेगी और मीडिया से भी सामना बहुत कम होगा."

लोकपल्ली के मुताबिक अगर दबाव होगा तो वह दबाव चैंम्पियंस ट्रॉफी जीतने का होगा क्योंकि यह टूर्नामैंट आखिरी बार हो रहा है और भारत ने आज तक इसे जीता नही है.

वह कहते हैं, "भारत ने ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्वकप जीता है, लिमिटेड ओवर यानी 50 ओवर का विश्वकप जीता है लेकिन चैंम्पियंस ट्रॉफी में उसका प्रदर्शन बहुत अच्छा नही रहा है. लेकिन टीम अच्छी है. भारतीय गेंदबाज़ो को इंग्लैंड की परिस्थितिया रास आएगी. टीम की बल्लेबाज़ी मज़बूत है और धोनी क़ाबिल कप्तान है आप टीम से उम्मीद कर सकते हैं."

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