बांग्लादेश क्रिकेट ने अशरफुल पर लगाई रोक

Image caption अशरफुल पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन जाँच रिपोर्ट आने तक उन्हें खेल से दूर रखा जाएगा.

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के प्रमुख ने कहा है कि देश को प्रभावित करने वाले सबसे बड़े खेल घोटाले के केन्द्र में रहे ऑलराउंडर मोहम्मद अशरफुल को तब तक खेलने की इज़ाजत नहीं दी जाएगी जब तक कि मैच फिक्सिंग के आरोपों को लेकर पूरी रिपोर्ट नहीं आ जाती है.

बीसीबी के अध्यक्ष नज़मुल हसन ने कहा है कि उन्हें टी-20 टूर्नामेंट बांग्लादेश प्रीमियर लीग में कथित भ्रष्टाचार पर पूरी रिपोर्ट ‘एक सप्ताह में’ मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट के मिलने तक अशरफुल को किसी दर्जे के खेल में शामिल नहीं किया जाएगा.

हसन ने हालांकि साफ किया है कि यह किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है.

रिपोर्ट का इंतजार

हसन ने कहा, “हम रिपोर्ट आने और सबूतों के अंतिम रूप से पुष्टि होने तक तक अशरफुल के ख़िलाफ किसी तरह का कदम नहीं उठाएंगे, लेकिन चूंकि उन्होंने फिक्सिंग की बात कबूल की है, इसलिए उन्हें तब तक क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए.”

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) इस साल फरवरी और मार्च में आयोजित बीपीएल के दूसरे सत्र के दौरान ‘संदिग्ध’ खेलों और व्यक्तिगत व्यवहार की जाँच कर रही है.

नजमुल हसन ने कहा कि पिछले साल बीपीएल के पहले सत्र के दौरान भ्रष्टाचार के चौतरफा आरोपों के बाद बोर्ड ने एसीएसयू को बीपीएल-2 की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी.

कानूनी बाध्यता

हसन ने ढाका में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि, “जाँचकर्ताओं ने बांग्लादेश और दूसरे स्थानों पर कई लोगों के साथ बातचीत की, और उन्हें कई लोगों से बातचीत करना बाकी है.”

हसन ने कहा कि वह इस स्तर पर कोई खुलासा नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने पर वह पूरी रिपोर्ट को प्रकाशित करेंगे. हसन ने कहा, “हम उन लोगों का नाम उजागर नहीं करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं, जो कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल हो सकते हैं.”

हालांकि कई रिपोर्ट में बताया गया है कि एसीएसयू जाँच दल द्वारा पूछताछ के दौरान मोहम्मद अशरफुल ने ‘स्पॉट-फिक्सिंग’ की बात कबूल की है.

लय का अभाव

हसन ने संवाददाताओं को यह भी बताया कि अशरफुल ने एसीएसयू की पूछताछ को लेकर उन्हें भी सफाई देने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने सुनने से इनकार कर दिया.

अशरफुल 2001 में उस समय चर्चा में आ गए थे जब वह टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी बन गए थे. उन्होंने यह कारनामा केवल 17 साल की उम्र में कर दिखाया. वह 2007 से 2009 तक बांग्लादेश के कप्तान भी रहे, लेकिन उनके खेल में लय का अभाव देखा गया.

हसन ने कहा कि पूरा बांग्लादेश उत्सुकता के साथ यह जानने का इंतजार कर रहा है कि गड़बड़ कहाँ हुई थी और कौन ज़िम्मेदार था.

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