भारत-पाक मैच, इज़्ज़त का सवाल

  • 15 जून 2013

चैंपियंस ट्रॉफी में शनिवार को खेले जा रहे भारत पाकिस्तान मुकाबले की वैसे तो कोई अहमियत नहीं लेकिन दोनों देशों के प्रशंसकों के लिए ये मैच रोमांच के लिहाज से बेहद अहम है.

चैंपियंस ट्राफी में भारत अपने दोनों मैच जीतकर पहले ही सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है, जबकि वेस्टइंडीज़ और दक्षिण अफ्रीका से हारकर पाकिस्तान इस दौड़ से बाहर हो चुका है.

इस मैच को लेकर उत्साह इतना ज़्यादा है कि पिछले साल जैसे ही इस मुक़ाबले की टिकट खिड़की खुली तो केवल एक घंटे में ही सारे टिकट बिक गए.

टिकट को लेकर इतनी मारामारी, लेकिन मैच के नतीजे से ना तो भारत को कोई फर्क पड़ेगा और ना ही पाकिस्तान पर.

पाकिस्तान पहले ही बाहर

इस बारे में पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ सरफ़राज़ नवाज़ मानते हैं, "अगर इस मैच के आधार पर सेमीफाइनल में जाने का दांव लगा रहा होता तो कुछ बात होती, लेकिन पाकिस्तान तो पहले ही बाहर हो चुका है. पर यह सुनकर ता़ज्जुब हो रहा है कि बर्मिंघम में हो रहे इस मैच के टिकट कई लोगों ने महंगे में भी खरीदे हैं."

Image caption पाकिस्तान टीम ट्रॉफी के लिए मुकाबले से पहले ही बाहर हो चुकी है.

दूसरी ओर भारत के पूर्व फिरकी गेंदबाज़ मनिंदर सिंह कहते हैं, "बर्मिंघम में और उसके आस-पास भारत और पाकिस्तान के लोग बडी संख्या में रहते हैं. जिसकी वजह से मैच भी वहीं रखा गया और दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से ज़्यादा क्रिकेट खेली भी नहीं गई है. इस वजह से यहाँ के टिकट इतनी जल्दी बिक गए."

वह कहते हैं, "जहाँ तक मैच की बात है तो दोनों परम्परागत प्रतिद्वंद्वी हैं इसलिए भले ही पाकिस्तान सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर है और उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है लेकिन पाने के लिए बहुत कुछ है. अगर वह जीत जाते हैं तो उन्हें वापस जाकर इतनी परेशानी नहीं होगी लेकिन अगर हार जाते हैं तो फिर खोने के लिए बहुत कुछ है."

मनिंदर ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी अपने-अपने मुल्क़ के लोगों को खुश करने के लिए हर हालत में जीतने की कोशिश करते हैं. इस वजह से भी दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों में मैच को लेकर जोश कभी भी कम नही होता."

मैच में दोनों टीमों के खेल को लेकर सरफराज़ नवाज़ कहते हैं, "पाकिस्तान ने पिछले दिनों भारत में बेहद शानदार खेल दिखाया जिसके बाद काँटे के मुक़ाबले की उम्मीद थी लेकिन अब तो टीम के कप्तान मिसबाह उल हक़ ख़ुद कह रहे हैं कि टीम में चार खिलाड़ी जिनमें शोएब मलिक, कामरान अकमल और इमरान फरहत शामिल हैं जबरदस्ती गए है. यह टीम में जगह बनाने के क़ाबिल नहीं थे."

ज़्यादा आक्रामक

Image caption बर्मिंघम के मैच के टिकटों की बिक्री ब्लैक में होने की बात सुनने में आ रही है.

बकौल सरफराज़, "उनके इस बयान के बाद ऐसा लगता है जैसे टीम का तालमेल ही बिगड़ गया है. पाकिस्तान की गेंदबाज़ी तो अच्छी है लेकिन बल्लेबाज़ों ने टीम को नीचा दिखाया है. अगर भारत को देखें तो नम्बर छह तक उसके बल्लेबाज़ हैं, गेंदबाज़ी भी बेहतर है. पाकिस्तान की टीम तो 170-180 रन बना रही है, जबकि भारत के पास तो शिखर धवन, रैना, धोनी, रोहित शर्मा, कोहली जैसे बल्लेबाज़ है."

मनिंदर सिंह पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी को लेकर कहते है कि वो ज़रुरत से ज़्यादा आक्रामक है और उन्हें बहुत ज्यादा अनुभव भी नहीं है. पाकिस्तान में बाहर की टीमें खेलती नहीं हैं जिसका असर दिखा और ऐसा लगता है जैसे उनका पूरा बल्लेबाज़ी मिश्रण ही बिगड़ गया.

उन्होंने कहा, "भारत ने दक्षिण अफ्रिका और वेस्टइंडीज़ को हराया है लेकिन पाकिस्तान का गेंदबाज़ी अटैक शानदार है और अगर भारत पाकिस्तान को भी हरा देता है तो उससे ना सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ेगा बल्कि क्रिकेट आलोचकों की नज़रो में भी भारत का रुतबा बढ़ेगा.."

उधर पाकिस्तान के पूर्व विकेट कीपर वसीम बारी कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के मैचों से भी ज़्यादा दिलचस्पी होती है.

इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान के गेंदबाज़ों ने तो उम्मीद के अनुरूप गेंदबाज़ी की है लेकिन उसके शुरुआती बल्लेबाज़ नहीं चल सके, जबकि भारत को रोहित शर्मा और शिखर धवन ने अच्छी शुरुआत दी. धवन तो दो शतक भी लगा चुके हैं.

दरअसल 50 ओवर के क्रिकेट में पहले चार बल्लेबाज़ों का अच्छा खेलना ज़रुरी है जिससे बाद के बल्लेबाज़ खुलकर खेल सकें. ऐसे में क्या पाकिस्तान ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारत के लिए बचाकर रखा है?

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