क्रिकेटः भारत और श्रीलंका पर हार के बाद जीत का दबाव

महेंद्र सिंह धोनी
Image caption वेस्ट इंडीज से आखिरी मुकाबले में कप्तान धोनी चोटिल हो गए थे.

वेस्टइंडीज़ में खेली जा रही त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट सिरीज़ में मंगलवार को भारत और श्रीलंका आमने-सामने होंगे.

किंग्स्टन में होने वाला ये मुक़ाबला दोनों ही टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों ही टीमें मेज़बान वेस्टइंडीज़ से अपना-अपना पहला मैच हार चुकी हैं.

मंगलवार को हारने वाली टीम के लिए फाइनल की राह मुश्किल हो जाएगी. इसके बाद भारत और श्रीलंका के पास दो दो मैच होंगे.

इससे पहले वेस्टइंडीज़ ने न सिर्फ श्रीलंका को मात तो दी ही, बल्कि उसे जल्दी हराकर एक बोनस अंक भी बटोरा.

अब वेस्टइंडीज़ के नौ अंक हैं जबकि श्रीलंका और भारत को अभी अंकों और जीत का खाता खोलना है.

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम आत्मविश्वास और जोश के साथ वेस्टइंडीज़ पहुंची थी लेकिन एक बेहद नज़दीकी और कश्मकश से भरे मैच में वह मेजबान टीम से एक विकेट से हार गई.

धोनी अनफिट

इतना ही नहीं भारत को कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अनफिट होने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और अब समाचार ये भी है कि धोनी श्रीलंका के ख़िलाफ़ ही नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट में ही मुश्किल से ही खेल सकेंगे.

उनकी मांसपेशियों में खिंचाव है. इससे भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. उनकी जगह अम्बाती रायडू को टीम में जगह दी गई है.

धोनी वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ी करने के लिए तो मैदान में उतरे लेकिन विकेटकीपिंग करने के लिए नही.

Image caption पिछले मैच में कोहली को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई थी.

उनकी जगह विराट कोहली ने भारत की कप्तानी की और मैच के बाद इस बात को भी ईमानदारी से स्वीकार किया किया कि मैदान में उनकी कमी खली.

अब विराट कोहली के लिए भी यह परीक्षा की घड़ी है कि वो इस टूर्नामेंट में किस तरह से भारतीय टीम को संभालते हैं. भविष्य के कप्तान के रूप में देखे जा रहे विराट कोहली में टीम को संभालने की कितनी काबलियत है, इस बात का अंदाज़ा भी इस टूर्नामेंट से हो जाएगा.

वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ हार के साथ ही चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लगातार मैच जीतते रहने का सिलसिला था, वह भी टूट गया.

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने दो अभ्यास मैचों के अलावा दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज़ और पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच जीतने के बाद सेमीफाइनल में श्रीलंका और फाइनल में इंग्लैंड को हराया था.

टीम की जीत

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने सेमीफाइनल में बेहद आसानी से श्रीलंका को हराया था.

इससे पहले भी भारत श्रीलंका पर भारी पड़ता आया है लेकिन इसके बावजूद श्रीलंका को कमज़ोर नही माना जा सकता.

खासकर यह देखते हुए कि अभी पिछले कुछ मैचों में भारतीय टीम की जीत में सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और शिखर धवन का ही ज़्यादा योगदान रहा है.

इस जोडी के अलावा थोड़ा बहुत योगदान विराट कोहली और कप्तान धोनी का भी रहा.

Image caption मुकाबले में बने रहने के लिहाज के श्रीलंका के लिए मंगलवार का मुकाबला अहम है.

हालांकि भारत के मध्यम क्रम के बल्लेबाज़ों की पूरी तरह से परीक्षा अभी तक नही हो सकी है.

वेस्टइंडीज़ के साथ खेले गए मैच में यही हुआ. जैसे ही शिखर धवन और विराट कोहली सस्ते में आउट होकर पैवेलियन लौटे वैसे ही पूरी भारतीय टीम दबाव में आ गई.

श्रीलंकाई गेंदबाज़ी

हलांकि सुरेश रैना ने 44 रन ज़रूर बनाए लेकिन रोहित शर्मा को छोडकर किसी ने भी विकेट पर टिकने का दमख़म नही दिखाया.

भारत के लिए तसल्ली की बात यह रही कि उसके गेंदबाज़ो ने एक समय कम स्कोर वाले मैच में भी वेस्टइंडीज को लगभग हार के कगार पर पहुंचा दिया था लेकिन मेज़बान टीम की अंतिम जोडी ने आखिरी विकेट के लिए 10 रन जोडकर जीत हासिल कर ली.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ भारत के गेंदबाज़ों को महिला जयवर्धने, कुमार संगकारा, उपुल थरंगा और एंजलो मैथ्यूज़ जैसे बल्लेबाज़ों को काबू में रखना होगा जो एक बार चल निकलने पर बड़ा स्कोर खडा करने में माहिर हैं.

दूसरी तरफ भारतीय टीम में भी इतनी तो क्षमता है ही कि वो श्रीलंकाई गेंदबाज़ी का बखूबी सामना कर सके.

अब देखना है कि जीत के दबाव मे दोनों टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं क्योंकि मंगलवार की हार उन्हें फाइनल की दौड़ से बाहर कर सकती है या फिर उस दौड़ को मुश्किल बना सकती है.

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