हरारे में हो सकता है हार-जीत का फैसला

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Image caption ज़िम्बाब्वे में भारत की जीत कप्तान विराट कोहली के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी.

भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच पांच वनडे मैचों की सिरीज़ का तीसरा मैच रविवार को हरारे में खेला जाएगा. मैच भारतीय समय के मुताबिक साढ़े बारह बजे शुरू होगा.

सिरीज़ के बाकी दोनों मैच बुलावायो में खेले जाएंगे. अभी भारत सिरीज़ में 2-0 से आगे हैं और भारत की कोशिश यही होगी कि वह हरारे में ही ज़िम्बाब्वे को तीसरे मैच में भी हराकर सिरीज़ में 3-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ले.

ज़िम्बाब्वे ने भारत को टक्कर देने की कोशिश की है लेकिन वो कभी भी मैच जीतने की स्थिति में नज़र नहीं आया. इसलिए ज़िम्बाब्वे भी ये मैच जीतकर सिरीज़ को एकतरफा होने से बचाने की कोशिश करेगा.

ऐसे में अगर भारत तीसरा मैच जीत ले तो इसे कप्तान विराट कोहली के लिए उपलब्धि माना जाएगा क्योंकि इस टीम में महेंद्र सिंह धोनी जैसे सितारे नहीं हैं और न ही ईशांत, उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार जैसे तेज़ गेंदबाज़ हैं.

मज़बूत पक्ष

यही नहीं टीम में ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी शामिल नहीं हैं. हालांकि इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी का फायदा लेग स्पिनर अमित मिश्रा और जयदेव उनादकट ने उठाया है. अमित मिश्रा ने पहले मैच में 43 रन देकर दो विकेट लिए तो दूसरे मैच में 46 रन देकर दो विकेट झटके.

पहले मैच में युवा तेज़ गेंदबाज़ उनादकट को सिर्फ एक विकेट मिला लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने 41 रन देकर चार विकेट हासिल किए. उनके मुक़ाबले आर विनय कुमार और मोहम्मद शमी थोड़े फीके रहे हैं.

विनय कुमार को पहले मैच में 57 रन देकर एक विकेट मिला तो दूसरे मैच में उन्होंने 49 रन खर्च किए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला यानी विनय कुमार भी महंगे साबित हुए. बल्लेबाज़ी भारत का मज़बूत पक्ष रहा है.

पहले वनडे में कप्तान विराट कोहली ने तो दूसरे में शिखर धवन ने शतक जमाकर भारत की पारी को संभाला. इनके अलावा अंबाटी रायडू और दिनेश कार्तिक भी अर्धशतक जमा चुके हैं.

फील्डिंग

हालांकि भारतीय खेमा ये उम्मीद कर रहा होगा कि सुरेश रैना और रोहित शर्मा इस मैच में ज़रूर रन बनाएंगे.

दूसरी ओर ज़िम्बाब्वे के बल्लेबाज़ों ने पहले मैच में सात विकेट पर 228 रन और दूसरे मैच में नौ विकेट पर 236 रन बनाकर दिखा दिया है कि भले ही उनकी बल्लेबाज़ी में बहुत गहराई न हो लेकिन वो नौसिखिये नहीं हैं और भारतीय टीम कम नहीं आंक सकती.

असल में ज़िम्बाब्वे के बल्लेबाज़ तेज़ी से रन नही बना पा रहे हैं और उनकी फील्डिंग में भी गिरावट आई है. ऐसे में देखना ये है कि इस सिरीज़ में हार-जीत का फैसला हरारे में ही होता है या बात बुलावायो तक जाएगी.

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