ऐशेज़ की टक्कर में ऑस्ट्रेलियाई पीएम भी कूदे

ख़्वाजा

ऐशेज़ सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्विता जग ज़ाहिर है. इस बार ऑस्ट्रेलिया की टीम भारी दबाव में है और सिरीज़ केदो टेस्ट मैच हार चुकी है.

इस सिरीज़ में एक ओर जहाँ ऑस्ट्रेलिया के ख़राब प्रदर्शन की चर्चा हो रही है, वहीं अंपायरिंग को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं. साथ ही अंपायरों के फ़ैसलों की समीक्षा यानी डीआरएस को लेकर भी विवाद रहा है.

मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफ़र्ड मैदान में चल रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उस्मान ख़्वाजा को आउट दिए जाने को लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ.

ख़्वाजा के आउट दिए जाने की आलोचना करने वालों में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रड भी शामिल हो गए. उन्होंने ट्वीट किया, "मैंने अभी तक जो देखा है, उसमें ये सबसे बुरे अंपायरिंग फ़ैसलों में से एक था."

आलोचना

Image caption शेन वॉर्न और केविन रड दोनों ने अंपायरिंग की आलोचना की है

पूर्व क्रिकेटर शेन वॉर्न ने भी इस फ़ैसले पर आश्चर्य व्यक्त किया और लिखा कि ये चकित करने वाला फ़ैसला है.

तीसरे टेस्ट के पहले दिन लंच से ठीक पहले मैदान पर मौजूद अंपायर टोनी हिल ने ख़्वाजा को विकेटकीपर के हाथों कैच आउट करार दिया.

ख़्वाजा इस फ़ैसले से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने डीआरएस के तहत अंपायर के फ़ैसले की समीक्षा की मांग की.

हॉट स्पॉट तकनीक से ऐसा लगा कि ख़्वाजा आउट नहीं थे, लेकिन तीसरे अंपायर धर्मसेना ने ख़्वाजा को आउट करार दिया.

पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर ज्योफ़ बॉयकॉट ने भी इस फ़ैसले की आलोचना की है. बीबीसी के टेस्ट मैच स्पेशल में उन्होंने कहा कि इन अंपायरों को ये सिखाना चाहिए कि आप टेलीविज़न का अपने फ़ायदे के लिए कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये तकनीक का दोष नहीं है.

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