फिक्सिंगः अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी बीसीसीआई

एन श्रीनिवासन
Image caption श्रीनिवासन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक जगमोहन डालमिया ही अध्यक्ष का काम संभालेंगे.

बीसीसीआई आईपीएल फिक्सिंग स्कैंडल की जाँच करने वाले पैनल पर बांबे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक जगमोहन डालमिया ही अध्यक्ष का कामकाज संभालते रहेंगे.

शुक्रवार को दिल्ली में हुई आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में ये फैसले लिए गए.

गौरतलब है कि न बांबे हाई कोर्ट ने आईपीएल में कथित सट्टेबाज़ी की जांच के लिए गठित बीसीसीआई के पैनल को असंवैधानिक बताते हुए नया पैनल बनाने को कहा था.

बैठक में बोंबे हाईकोर्ट के आदेश के बाद उपजे सवालों पर भी चर्चा की गई. बांबे हाईकोर्ट ने बीसीसीआई द्वारा इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड, जयपुर आईपीएल क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, गुरुनाथ मेयप्पन और राज कुंद्रा के ख़िलाफ़ की गई शिकायतों की जाँच करने के लिए बनाए गई जाँच पैनल को अवैध करार दिया था.

अपील

Image caption मयप्पन के ख़िलाफ़ अभी मुंबई पुलिस की जाँच पूरी नहीं हुई है.

बीसीसीआई की ओर से जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गवर्निंग काउंसिल मानती है कि जाँच पैनल का गठन आईपीएल के नियमों के अनुरूप ही किया था और हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

इस फैसले के बाद एन श्रीनिवासन भी गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए और सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक जगमोहन डालमिया के ही बीसीसीआई अध्यक्ष का कामकाम संभालने के लिए कहा.

इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि एन श्रीनिवासन जाँच पैनल से क्लीन चिट मिलने के बाद दोबारा अध्यक्ष पद का कामकाज अपने हाथ में ले लेंगे.

जाँच

कुंद्रा और मेयप्पन के ख़िलाफ़ पुलिस जाँच अभी पूरी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई के पैनल ने इन दोनों को क्लीन चिट दे दी.

बीसीसीआई के जाँच दल में पूर्व न्यायाधीश टी जयराम चोउटा और आर बालासुब्रमण्यम शामिल थे. इस पैनल ने 27 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.

मेयप्पन का नाम आने के बाद श्रीनिवासन ने जाँच पूरी होने तक खुद को बोर्ड अध्यक्ष के नियमित कामकाज से अलग कर लिया था और जगमोहन डालमिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाया था.

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