धोखेबाज़ी के आरोपों से गुस्साए पीटरसन

केविन पीटरसन

इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन ने आस्ट्रेलियाई मीडिया की उन रिपोर्टों को सिरे से ख़ारिज किया है जिनमें कहा गया है कि वो आउट होने से बचने के लिए अपने बल्ले पर विशेष टेप का इस्तेमाल करते हैं.

रिपोर्टों में कहा गया था कि आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बल्लेबाजों की इस सिलसिले में जाँच की जा सकती है. हालाँकि सिर्फ केविन पीटरसन का नाम ही रिपोर्टों में लिया गया था.

33 वर्षीय पीटरसन ने ट्वीटर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'अगर मैं निक (गेंद का बल्ले को छूकर फील्डर के हाथ में जाना) करूँगा तो मैं खुद ही क्रीज छोड़ दूँगा.'

उन्होंने कहा, "ऐसा कहना कि मैं अपने बल्ले पर सिलीकॉन लगाकर (हॉट स्पॉट सिस्टम से बचने के लिए) धोखा देता हूं मुझे गुस्सा दिलाता है. यह बहुत ही ख़राब झूठ है. "

उन्होंने आगे कहा, "मैं निक को छुपाकर, जो वास्तव में मुझे एलबीडब्ल्यू अपील से बचा सकती है, कितना बेवकूफ लगूंगा. पहली पारी में ही एलबीडब्ल्यू अपील पर हॉट स्पॉट ने बताया था कि मैंने निक किया है."

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विवाद

बल्लेबाजों द्वारा बल्ले पर सिलिकॉन के इस्तेमाल की खबरें आस्ट्रेलिया के चैनल नाईन पर शुरू हुईं थी. चैनल ने एक रिपोर्ट में कहा, "ऐसा समझा जा रहा है कि बल्ले की एज पर सिलिकॉन लगाया जा रहा है. इस तरह की चिंताएं दूसरी इनिंग के दौरान मेनचेस्टर में केविन पीटरसन के आउट होने पर केंद्रित हैं. लेकिन सिर्फ इंग्लैंड के बल्लेबाजों ही जाँच के दायरे में नहीं है. नाइन न्यूज समझता है कि आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भी इस तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं."

गौरतलब है कि हॉट स्पॉट तकनीक गेंद के बल्ले या पैड को छूने को पकड़ती है. गेंद के बल्ले या पैड को छूने से जो गरमी पैदा होती है उसे इंफ्रा रेड कैमरा पकड़ लेते हैं.

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तूल न दें

Image caption दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया को 347 रन से हराया था.

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज़ ग्राहम ओनियंस ने कहा कि जब मैं ड्रैसिंग रूम में गया तब पहली बार इस तरह के आरोपों के बारे में सुना. डरहम में शुरु होने जा रहे चौथे टेस्ट मैच में ग्राहम टीम शामिल हो सकते हैं.

उन्होंने कहा, "ऐसा लग रहा है इसे कुछ ज्यादा ही तूल दिया जा रहा है. मैं जानता हूँ कि इंग्लैंड के बल्लेबाज अपने बल्लों पर कुछ नहीं लगाएंगे. यह सोचना भी मूर्खता है कि खिलाड़ी फ़ैसलों को प्रभावित करने के लिए अपने बल्लों पर कोई चीज़ लगा रहे हैं."

हॉट स्पॉट तकनीक के अविष्कारक वॉरेन ब्रैनन का कहना है कि वे और उनकी कंपनी बीबीजी स्पोर्ट्स आईसीसी द्वारा मामले की जाँच किए जाने तक कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

आईसीसी के महाप्रबंधक जॉफ एलरडाइस डरहम में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों से मुलाक़ात करेंगे और निर्णय समीक्षा प्रणाली से उपजी चिंताओं पर बात करेंगे.

आईसीसी ने पूरे विवाद पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि सिलिकॉन टेप, जो अभी तक प्रतिबंधित नहीं है, के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है.

आलोचना

ऐशेज श्रंखला के दौरान कई बार 'एज' को न पकड़ पाने पाने के कारण हॉट स्पॉट तकनीक की आलोचना हो रही है. इंग्लैंड के विकेट कीपर मैट प्रॉयर ने टेलीग्रॉफ से कहा, "मुझे नहीं लगता है कि हम हॉट स्पॉट पर अब भी विश्वास करते हैं. कितनी बार एज को पकड़ने में इससे चूक हुई है."

गौरतलब है कि केविन पीटरसन ओल्ड ट्रेफोर्ड में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में विकेट कीपर द्वारा लपक लिए गए थे. उन्होंने फैसले को चुनौती दी थी. हॉट स्पॉट तकनीक ने गेंद के बल्ले को छूने को कोई प्रमाण नहीं दिया था लेकिन टीवी अंपायर कुमार धर्मसेना ने टीवी रिप्ले में आवाज़ सुनने के आधार पर आउट दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा था.

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