पीवी सिंधुः नई बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी

पीवी सिंधु

पीवी सिंधु अभी तक वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में जाइंट किलर साबित हुई है. उन्होने प्री क्वार्टर फाइनल में दूसरी वरीयता हासिल चीन की यिहान वांग को हराया और क्वार्टर फाइनल में चीन की ही शिजियान को हराया है.

पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी दिनेश खन्ना का कहना है कि उनके प्रदर्शन से पता चलता है कि उनके खेल में पिछले दो सालों में काफी सुधार हुआ है. और भारत के लिए वाकई यह एक बेहद अच्छा समाचार है.

सिंधु ने क्वार्टर फाइनल में चीन की सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शिजियान वांग को 21-18,21-17 से हराया.

सिंधु का पदक पक्का

इसके साथ ही इस चैंपियनशिप में भारत का कम से कम एक पदक भी पक्का हो गया है.

पीवी सिंधु के खेल की ख़ासियत का ज़िक्र करते हुए दिनेश खन्ना कहते है कि उन्होने अपनी लंबाई का पूरा फायदा उठाया और उनके स्ट्रोक्स बेहद शार्प है जिनका रिटर्न करना आसान नही होता.

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में महिलाओ के एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पीवी सिंधु भारत की पहली महिला खिलाडी हैं.

सिंधु के पदक का रंग कैसा होगा?

सिंधु ने यह भी दिखाया कि अपने से बेहतर रैकिंग वाली खिलाडी के सामने भी बिना किसी दबाव के खेला जा सकता है.

Image caption सिंधू ने बेहतर रैकिंग वाली खिलाडी के सामने भी बिना दबाव के खेलकर जीत हासिल की

महिला वर्ग में इससे पहले भारत को केवल एक कामयाबी विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में मिली है, जब युगल वर्ग में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोन्नप्पा की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता था.

दिनेश खन्ना कहते हैं कि विश्व बैडमिंटन जगत में अगर साइना नेहवाल और कुछ हद तक अपर्णा पोपट की बात की जाए तो कोई और महिला खिलाडी एकल वर्ग में इतना उभरकर सामने नही आई.

दिन में साइना नेहवाल और पी कश्यप की हार से मायूस हुए भारतीय बैडमिंटन प्रेमियो को शाम होते होते पीवी सिंधु ने एक ख़ुशी का समाचार दिया, बस अब देखना है कि उन्हे मिलने वाले पदक का रंग कैसा होता है?

दबाव में आईं साइना

भारत की साइना नेहवाल तीन बार इस चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची हैं और इत्तेफ़ाक से इस बार चौथी मर्तबा भी उनका सफर क्वार्टर फाइनल में ही टूट गया.

साइना नेहवाल क्वार्टर फाइनल में अपने से कहीं नीचे की वरीयता हासिल कोरिया की यिओन जू बेई से 21-19,21-17 से हार गईं.

साइना नेहवाल को इस टूर्नामेंट में तीसरी वरीयता दी गई थी जबकी जू बेई को तेरहवी वरीयता हासिल थी.

इसके साथ ही विश्व चैंपियनशिप में कोई पदक जीतने का सपना एक बार फिर साइना नेहवाल के लिए सपना ही साबित हुआ.

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