इंडियन बैडमिंटन लीग: क्या फाइनल तक रहेगा उत्साह

  • 21 अगस्त 2013
साइना नेहवाल

"देखिए मुझे तो लगता है कि इस लीग में अब हर मुक़ाबले का परिणाम ऐसा ही आने वाला है. कोई भी मैच आसान साबित होने वाला नहीं है. दुनिया भर के सभी टॉप बैडमिंटन खिलाड़ी यहां खेल रहे हैं."

यह कहना है भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का, जो इस बात से खुश हैं कि उन्होंने 'हैदराबाद हॉटशॉट्स' के लिए खेलते हुए विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली पीवी सिंधु को मात दी जो 'लखनऊ वॉरियर्स' की आइकन खिलाड़ी हैं.

इस मुक़ाबले में 'हैदराबाद हॉटशॉट्स' ने 'लखनऊ वॉरियर्स' को 3-2 से मात दी.

मुश्किल मुक़ाबले

आईबीएल में हो रहे दमदार मुकबलों में जीत के लिए खिलाड़ियों को एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना पड़ रहा है और अभी तक दर्शकों का समर्थन भी इस लीग को मिला है.

दिल्ली में 14 अगस्त को इस बैडमिंटन लीग का उद्घाटन हुआ. 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस होने के बावजूद क़रीब तीन साढ़े तीन हज़ार दर्शक सिरी फोर्ट स्टेडियम में मौजूद थे.

इन दर्शकों का उत्साह तब देखने लायक था जब साइना नेहवाल और पीवी सिंधु महिला एकल मैच में आमने-सामने हुईं.

वैसे किसी भी मैच में आमने-सामने होने का यह दोनों खिलाड़ियों के लिए पहला अवसर था.

Image caption पीवी सिंधु ने हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है.

जैसे ही दोनों खिलाड़ी बैडमिंटन कोर्ट पर उतरीं दर्शकों ने शोर मचाकर दोनों का स्वागत किया.

एक तरफ हॉटशॉट साइना का शोर गूंज रहा था, तो दूसरी तरफ सिंधु-सिंधु जैसे नारे लग रहे थे.

पहला गेम जीतने के लिए साइना को पसीना बहाना पड़ा और वह 21-19 से बमुश्किल जीतीं. हालांकि दूसरा गेम महज़ औपचारिकता साबित हुआ.

अब इस मैच को लेकर इन खिलाड़ियों पर कितना दबाव था इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैच जीतने के बाद साइना ने कहा, "मीडिया ने तो मुझे मैच के दौरान ही हारा हुआ मान लिया था."

एक तरफ लीग में देसी-विदेशी स्टार खिलाड़ियों की भरमार है. हालांकि इसमें चीनी खिलाड़ी शामिल नहीं हैं.

कई बड़े खिलाड़ी चोटिल

लेकिन इस लीग में सब कुछ उजला-ही-उजला है ऐसा भी नहीं है.

इस लीग के बाकी बचे मुक़ाबलों की बात करें तो केवल 22 तारीख को दो मुक़ाबले खेले जाएंगे जबकि फाइनल 31 अगस्त को होगा.

चैंपियनशिप के मुकाबले रात बजे के बाद खेले जाने को लेकर भारतीय दर्शक थोड़े परेशान हैं.

पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और अब इस चैंपियनशिप के लाइव प्रसारण के दौरान कमेंट्री कर रहीं मधुमिता बिष्ट कहती हैं, "दरअसल विदेशी खिलाड़ियों के होने से इसका समय ऐसा रखा गया है ताकि विदेशों में भी इसे दर्शक मिल सकें."

इसके अलावा लगातार मैचों से खिलाड़ियों की फिटनेस क्या इस चैंपियनशिप की समाप्ति तक बनी रहेगी, इसे लेकर भी बड़े सवाल हैं.

Image caption दिल्ली स्मैशर्स की आइकन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा चोट की वजह से अभी तक केवल एक ही मैच खेल सकी हैं.

अभी तो हालत यह हो गई है कि शनिवार को 'दिल्ली स्मैशर्स' की आइकन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा हैदराबाद के खिलाफ कोर्ट पर ही नहीं उतरीं.

दूसरी तरफ कुछ और खिलाड़ी भी चोटिल हैं जिनमें पिछले दिनों विश्व चैपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दुनिया के नम्बर एक खिलाड़ी मलेशिया के ली चोंग वेई भी शामिल हैं.

ली इस बैडमिंटन लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी भी हैं, जिन्हें 1,35,000 अमरीकी डॉलर में मुंबई मास्टर्स ने खरीदा था. वो भी तीसरे मुकाबले में अपनी टीम के लिए उपलब्ध हो सके. अब कुछ ख़बरें ऐसी भी हैं कि पी कश्यप भी पूरी तरह फिट नहीं हैं.

वैसे अभी तक आम लोगों की मौजूदगी से तो खिलाड़ी और कोच खुश हैं जिनमें भारत के कोच और पूर्व आल इंग्लैंड चैंपियन पी गोपीचंद भी शामिल हैं. उनका कहना है कि वह अत्यंत उत्साहित हैं. इसके अलावा मुंबई में खेले गए मैचों में सचिन तेंदुल्कर, उनकी पत्नी अंजलि और सुनील गावस्कर की मौजूदगी ने भी आम दर्शकों के जोश को बढ़ाया.

अब देखना सिर्फ इतना है कि कुछ खिलाड़ियों को कम पैसे मिलने पर मचे हो-हल्ले के बाद बिना किसी दूसरे विवाद के बाद आखिरकार भारत में क्रिकेट और हॉकी के बाद बैडमिंटन की चिड़िया ने भी जब उड़ान भर ही ली है तो क्या पी कश्यप, साइना नेहवाल, पीवी सिंधु, ली चोंग वेई, ज्वाला गुट्टा और कुछ दूसरे नाम के सहारे इसमें इसके समर्थकों का चहचहाना भी क्या फाइनल तक जारी रहेगा.

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