भीड़ घेर लेती है, अच्छा लगता हैः शिखर धवन

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दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मंगलवार की शाम खास थी. तमाम खेल पत्रकार बेसब्री से भारत के इन दिनों सबसे कामयाब बल्लेबाज़ शिखर धवन के इंतज़ार में थे.

इंतज़ार ख़त्म हुआ तो शिखर ने अपने ही अंदाज़ में सवालों के जवाब सहजता से देकर दिखा दिया कि पिच पर रनों का अंबार खड़ा करने वाला यह बल्लेबाज़ मीडिया के बाउंसर भी आसानी से खेल सकता है.

शिखर से कहा गया कि पहले आपके लिए इतने खेल पत्रकार जमा नहीं होते थे.

शिखर का जवाब था, "बेहद फ़र्क आया है. अब मैं जहां भी जाता हूं, भीड़ लग जाती है. पहले मैं थोड़ा सहज रहता था, कम लोग पहचानते थे. मैं चैन से खा-पी लेता था."

एक ठहाका और फिर मूंछों पर ताव.

'मनोबल बढ़ा'

"जब छोटा था तब यही सोचता था कि काश ऐसा दिन मेरे लिए भी आए, अब बहुत अच्छा लग रहा है. जब कोई बेहतरीन क्रिकेट खेलता है, तो सोचता है कि उसे भी सम्मान मिले. मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूं अपने चाहने वालों का जो मुझसे मिलकर मेरे लिए दुआंए देते हैं."

इन दिनों अपने शरीर पर बने टैटू और अपनी मूंछों को लेकर उनका कहना है कि टैटू उन्हें पहले से पसंद है.

शिखर कहते हैं, "मैदान पर मैं जिस मस्ती से खेलता हूं, शायद उसे देखकर मेरे साथी मुझे गब्बर कहते हैं."

एक और सवाल- श्रीलंका के कुमार संगकारा आईपीएल में हैदराबाद सनराइज़र्स के कप्तान थे और शिखर धवन टीम के खिलाड़ी. अब चैंपियंस लीग में संगकारा के ख़िलाफ़ खेलना उन्हें कैसा लगेगा?

शिखर कहते हैं, "हम अब उन्हें जल्दी आउट करने की कोशिश करेंगे." एक बार फिर हल्की सी हंसी.

शिखर आगे कहते हैं, "इस बात में कोई शक नहीं कि संगकारा दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज़ों में से एक हैं, तो उनकी कमी तो खलेगी ही."

भारत को अब विदेशी पिचों पर अधिक खेलना है, जिसमें दक्षिण अफ्रीकी दौरा तो है ही, साथ ही इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड सीरीज़ भी है.

विदेशी पिचों को लेकर शिखर का कहना था कि भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले दिनों चैंपियंस ट्रॉफी जीती. उसके बाद वेस्टइंडीज़ में त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज़ और फिर ज़िम्बाब्वे को भी एकतरफा हराया.

इससे भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा है और यह संदेश भी गया कि यह टीम अब विदेशों में भी बेहतर करने की क्षमता रखती है.

वैसे भी इन दिनों भारतीय टीम ने बल्लेबाज़ी, फील्डिंग और यहां तक कि गेंदबाज़ी में भी शानदार प्रदर्शन किया है.

जब टीम बाहर जीतकर घर आती है तो एक अलग अहसास होता है. विदेशों में अच्छा खेलने की बात करना और वाकई जीतने में काफी फ़र्क है.

300 रन बनेंगे?

हँसी-हँसी में ही शिखर से सवाल हुआ कि आप महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली में किसे बेहतर कप्तान मानते हैं?

इस सवाल पर शिखर थोड़ा चकराते दिखे, लेकिन फिर कहा, "धोनी भाई तो इतने साल से कामयाब कप्तान हैं. उन्होंने इतनी सारी ट्रॉफी जीती हैं. वह तो दुनिया के सबसे अच्छे कप्तानों में से एक है. विराट कोहली अभी एक युवा कप्तान है, धोनी से उनकी तुलना ठीक नहीं है लेकिन विराट भी अपने स्तर पर अच्छे कप्तान हैं."

अब एकदिवसीय मैच में क्या कोई बल्लेबाज़ तिहरा शतक भी बना सकता है ?

अब ऐसा सवाल उठा तो कोई अचरज नहीं हुआ क्योंकि शिखर ने पिछले दिनों दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ 248 रनों की पारी खेली थी.

इसके जवाब में शिखर कहते हैं, "अगर तीन सौ रन बनाने का सपना देखेंगे, तो ज़रूर संभव है. मैंने ख़ुद कभी अपने लिए सपना देखा था कि मैं वन-डे में 200 रन बना सकता हूं क्योंकि मेरे पास ऐसे शॉट्स हैं. मेरा खेल ऐसा है. मैंने 200 रन ज़रूर बनाए लेकिन ऐसा नहीं सोचा था कि 248 रन बना पाऊंगा. सब मालिक की मेहर है."

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