स्पॉट फिक्सिंगः श्रीसंत और अंकित पर आजीवन पाबंदी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमीयर लीग (आईपीएल) में फ़िक्सिंग मामले में श्रीसंत और अंकित चव्हाण पर आजीवन पाबंदी लगाने का फ़ैसला किया है.

दिल्ली में बीसीसीआई की अनुशासन समिति की बैठक में यह फ़ैसला किया गया. इस समिति में एन श्रीनिवासन, अरुण जेटली और निरंजन शाह शामिल हैं.

बैठक के बाद बीसीसीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंकित चव्हाण और श्रीसंत पर आजीवन पाबंदी लगाई जा रही है.

अमित सिंह पर पाँच साल की पाबंदी लगाई गई है, जबकि सिद्धार्थ त्रिवेदी पर एक साल की पाबंदी लगाई गई है.

सबूतों के अभाव में हरमीत सिंह के ख़िलाफ़ मामला बंद कर दिया गया है.

बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के प्रमुख रवि सवानी ने इस मामले की जाँच की थी. बीसीसीआई की बैठक में सभी सबूतों और खिलाड़ियों की गवाही पर चर्चा करने के बाद ये फ़ैसला किया है.

मामला

श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को गत 16 मई को 16 सटोरियों समेत दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर 420 और 120बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.

आईपीएल-6 के दौरान स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला उस समय सामने आया था, जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंडीला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

उनके साथ-साथ कई सटोरियों को भी पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

इसके बाद मुंबई पुलिस ने चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े गुरुनाथ मेयप्पन और फिल्म कलाकार विंदू दारा सिंह को गिरफ़्तार किया. मेयप्पन बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद हैं.

फिर दिल्ली पुलिस ने राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा का भी नाम लिया. इस मामले में तीन खिलाड़ियों के साथ-साथ गिरफ़्तार किए गए गुरुनाथ मेयप्पन और विंदू दारा सिंह भी जेल से बाहर हैं.

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