टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहेंगे सचिन तेंदुलकर

  • 11 अक्तूबर 2013

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है.

40 साल के सचिन 200वाँ टेस्ट खेलने के बाद संन्यास ले लेंगे. सचिन ये टेस्ट नवंबर में वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध खेलेंगे.

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी बयान में सचिन तेंदुलकर के इस फ़ैसले की जानकारी दी गई है.

सचिन दिसंबर 2012 में वन डे इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं.

सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16 साल की उम्र में 1989 में शुरुआत की थी. पिछले साल वे 100 शतक बनाने वाले क्रिकेट के इतिहास के एकमात्र बैट्समैन बने थे.

टेस्ट क्रिकेट में तेंदुलकर का सर्वोच्च स्कोर 198 टेस्ट में 15837 रन रहा है जबकि 463 वनडे मैचों में उऩ्होंने 18426 रन बनाए हैं.

संन्यास की घोषणा करते हुए सचिन ने कहा है, "जीवन भर मेरा सपना था भारत के लिए क्रिकेट खेलने का. पिछले 24 वर्षों से मैं हर दिन ये सपना जी रहा था. मेरे लिए अपनी ज़िंदग़ी का एक भी दिन बिना क्रिकेट के सोचना मुश्किल है क्योंकि 11 साल की उम्र से मैं यही कर रहा हूँ. अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और दुनिया भर में खेलना मेरे लिए बड़े गौरव की बात रही है. मैं अपनी ज़मीन पर 200वाँ टेस्ट खेलने को लेकर उत्सुक हूँ."

उन्होंने इस मौक़े पर प्रशंसकों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया.

सचिन का कहना था, "मैं अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों का धन्यवाद देता हूँ."

श्रीनिवासन का बयान

इस मौक़े पर बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन, "सचिन तेंदुलकर जब चेन्नई में बुची बाबू टूर्नामेंट के लिए खेलने आए थे मैं तब से ही सचिन तेंदुलकर का प्रशंसक रहा हूँ. इसमें कोई शक नहीं कि वह भारत के सबसे बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं. बल्कि ये कहना भी ग़लत नहीं होगा कि दुनिया भर में जो बेहतरीन क्रिकेटर हुए हैं उनमें से सचिन तेंदुलकर शीर्ष पर आते हैं. किसी ने भी सचिन तेंदुलकर जितनी भारतीय क्रिकेट की सेवा नहीं की है."

श्रीनिवासन के मुताबिक़, "वह भारत और भारतीय क्रिकेट के दूत रहे हैं. वह कई पीढ़ियों तक खिलाड़ियों की प्रेरणा के स्रोत रहे हैं और उनमें सिर्फ़ क्रिकेटर ही नहीं थे. हम संन्यास के उनके फ़ैसले का स्वागत करते हैं हालाँकि हममें से बहुत से लोगों के लिए सचिन के बिना भारतीय क्रिकेट की कल्पना करना भी मुश्किल है."

तेंदुलकर इससे पहले वनडे से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं और अभी उन्होंने चैम्पियंस लीग ट्वेन्टी-20 के फ़ाइनल के साथ ही टी-20 से भी संन्यास ले लिया था.

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