दूसरा वनडे: बराबरी कर पाएगा भारत?

धोनी
Image caption धोनी के लिए भारतीय टीम की खराब तेज़ गेंदबाज़ी चिंता का कारण है

वनडे सिरीज़ के पहले मैच में मात खाने के बाद टीम इंडिया बुधवार को जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैदान में उतरेगी.

पुणे में खेले गए पहले मैच में भारत को 72 रन से हराकर ऑस्ट्रेलिया की टीम ने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है.

दरअसल कई आलोचनाओं से घिरी कंगारू टीम से कम ही लोगों को इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी.

दूसरे मैच में भी ऑस्ट्रेलिया अब भारत पर जीत के बाद बने दबाव का कम नही होने देना चाहेगा जबकि भारत सिरीज़ में जीत का खाता खोलने के लिए उतरेगा.

धोनी की चिंता

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चिंता तेज़ गेंदबाज़ी को लेकर है. अनुभवी ईशांत शर्मा अपनी गेंदबाज़ी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों पर प्रभाव छोडने में नाकाम रहे. यहां तक कि वह इससे पहले खेले गए टवेंटी-20 मैच में भी ख़ासे महंगे साबित हुए थे.

उनके अलावा दूसरे तेज़ गेंदबाज़ आर विनय कुमार ने भी दिशाहीन गेंदबाज़ी की और स्पिन में आर अश्विन भी अपनी छाप नहीं छोड सके.

बल्लेबाज़ी में जहां ऑस्ट्रेलिया की सलामी जोड़ी फिल ह्यूज़ और एरोन फिंच ने पहले मैच में पहले विकेट के लिए 110 रनों की साझेदारी कर मज़बूत शुरूआत की वही भारत को अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के बावजूद शिखर धवन ऐसी शुरूआत देने में नाकाम रहे.

रोहित शर्मा, विराट कोहली और सुरेश रैना ने बल्लेबाज़ी तो अच्छी की लेकिन कोई भी विकेट पर टिककर एक छोर नही संभाल सका.

लगातार गिरते विकेटों के बीच रन बनाने की रफ्तार भी कम हो गई, नतीजा ऑस्ट्रेलिया ने एक आसान जीत हासिल की और भारतीय टीम की विजयी लय को भी तोड़ दिया.

पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह कहते हैं, “यह ऑस्ट्रेलियाई टीम युवाओं से भरी है और इनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है. शायद यही बात इनके लिए इनकी ताक़त भी बन गई है. ऑस्ट्रेलियन लड़ाकू खिलाड़ी है और भारत में शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को प्रभावित करना चाहते है.”

कुछ सीनियर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अभी घायल है और यह युवा खिलाड़ी उनकी जगह तभी ले सकेंगे, जब अच्छा खेलेंगे.

बल्लेबाज़ चले तो बल्ले बल्ले

Image caption ईशांत शर्मा ने पहले वनडे में फेंके 7 ओवर में 56 रन दिए थे.

मनिंदर सिंह का यह भी कहना है कि जब सलामी बल्लेबाज़ और गेंदबाज, दोनों अपना काम बख़ूबी करे तो टीम का हौसला भी बढ़ता है.

जब कप्तानी की तुलना हुई तो मनिंदर का कहना था कि जॉर्ज बेली बेहद शांत खिलाड़ी हैं बिलकुल धोनी की तरह. बल्लेबाज़ तो अच्छे हैं ही इसीलिए उन्हें कप्तान भी बनाया गया क्योंकि माइकल क्लार्क घायल है.

भारतीय गेंदबाज़ी को लेकर मनिंदर सिंह साफ-साफ कहते है कि ईशांत शर्मा एक दो मैच में अच्छी गेंदबाज़ी करने के बाद पांच-छह मैचों में फिर साधारण लगने लगते है तो आर विनय कुमार विदेशी पिचों पर तो शायद कुछ कर जाएं लेकिन भारतीय पिचों पर वह विशेष कर पाएंगे ऐसा लगता नही है.

पहले तो टवेंटी-20 में हार के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम की सराहना हुई और उसके बाद एकदिवसीय श्रृंखला में जीत के साथ हुई शुरुआत उनके खेमे का उत्साह बढ़ाने के लिए काफी है.

ये भी सच है कि भारत की ताक़त उसकी बल्लेबाज़ी रही है. शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, सुरेश रैना, युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला बोलेगा तो भारत भी जीतेगा जैसा पिछले दिनों देखने को भी मिला. इन सबके बीच रविंद्र जडेजा की भूमिका भी अहम रहेगी.

वैसे अभी श्रृंखला की शुरूआत है लेकिन गुलाबी नगरी जयपुर में ऑस्ट्रेलिया की जीत जहां उसकी टीम की रंगत को और निखार देगी तो वही भारत भी जयपुर में ही 1-1 से बराबरी हासिल करने में कोई कसर नही छोड़ना चाहेगा.

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