सिरीज़ जीतनी है तो नागपुर फ़तह करना होगा

  • 30 अक्तूबर 2013
भारत के बल्लेबाज़ों ने तो अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन गेंदबाज़ों ने निराश किया है

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर में बुधवार को छठा एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाएगा.

सिरीज़ जीतने के लिए भारत को ना केवल नागपुर का मैच जीतना होगा बल्कि इसके बाद शनिवार को बंगलौर में होने वाला सातवां और आखिरी एकदिवसीय मैच भी जीतना होगा.

सात एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया पहले ही 2-1 की बढ़त बनाए हुए है. नागपुर में मौसम साफ़ रहने की उम्मीद है.

इससे पहले रांची और कटक वनडे बारिश के चलते रद्द हो गए थे.

रांची में तो कम से कम ऑस्ट्रेलिया को बल्लेबाज़ी करने का अवसर मिला था लेकिन कटक में तो एक भी गेंद नहीं की जा सकी थी. इस श्रृंखला के शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को अनुभवहीन माना जा रहा था.

यहाँ तक कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयन चैपल ने कहा कि सिर्फ पैसे के लिए ये सिरीज़ खेली जा रही है. अगर ऑस्ट्रेलिया सिरीज़ हारा तो इंग्लैंड के ख़िलाफ होने वाली आगामी एशेज़ श्रृंखला से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

हालंकि भारत में ऑस्ट्रेलियाई टीम छुपी रूस्तम साबित हुई है.

ऑस्ट्रेलिया के हौसले बुंलद

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने प्रदर्शन से सबको हैरान किया है

इस ऑस्ट्रेलियाई टीम के हौसले कितने बुलंद हैं इस बात का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके स्पिनर ज़ेवियर डोहर्टी का कहना है कि उनकी टीम नागपुर में ही मैच जीतकर श्रृंखला अपने नाम करना चाहेगी.

वहीं भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सोच रहे होंगे कि किन गेंदबाज़ोंको लेकर नागपुर में उतरें. नागपुर का विकेट बल्लेबाज़ों के लिए जाना जाता है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के शुरुआती बल्लेबाज़ों की बात छोड़िए उनके आलराउंडर तक भारतीय गेंदबाज़ों के लिए हव्वा साबित हो रहे हैं.

लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि यह वही ऑस्ट्रेलियाई टीम है जो इसी साल भारत में बुरी तरह टेस्ट श्रृंखला हार चुकी है.

वहीं मौजूदा भारतीय गेंदबाज़ी का यह आलम है कि रविंद्र जडेजा को छोड़कर कप्तान धोनी किसी दूसरे गेंदबाज़ से पूरे दस ओवर भी नहीं करवा पा रहे हैं, तो ऐसे में क्या भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी हो पाएगी?

और क्या गेंदबाज़ी में अपने तरकश के सभी तीर इस्तेमाल करने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों के निशाने पर रहे स्पिनर आर अश्विन टीम में बने रहेंगे? शायद वो अब भी कप्तान धोनी के लिए ब्रहमास्त्र हैं. ये भी देखना होगा कि नागपुर में ‘जीतो या श्रृंखला हारो’ वाले मैच में अमित मिश्रा को मौक़ा मिल पाता है या नहीं. निश्चित रूप से दबाव टीम इंडिया और ख़ासकर उसके गेंदबाज़ों पर होगा.

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