जीत के साथ विदा हुए सचिन

  • 30 अक्तूबर 2013

सचिन तेंदुलकर ने 79 रनों पर नॉट आउट रहते हुए अपने अंतिम रणजी ट्रॉफ़ी मैच में मुंबई को जीत दिला दी है.

हरियाणा में हो रहे मैच में स्थानीय टीम के विरुद्ध मुंबई को मैच के अंतिम दिन 39 रनों की ज़रूरत थी, जो उसने बिना कोई और विकेट गँवाए हासिल कर लिया.

तीसरे दिन स्टंप के समय दूसरी पारी में मुंबई का स्कोर 6 विकेट खोकर 201 रन था.

सचिन 55 रन बनाकर नॉट आउट थे और चौथे दिन उन्होंने वहाँ से आगे बढ़ते हुए 79 रनों की पारी खेली. उनका साथ दे रहे धवल कुलकर्णी 16 रन बनाकर नॉट आउट रहे.

इससे पहले मेज़बान हरियाणा की पहली पारी 241 रनों पर सिमटी थी. दूसरी पारी में मुंबई की शुरूआत बेहद खराब रही जब अनुभवी बल्लेबाज़ वसीम जाफर केवल एक रन बनाकर हर्षल पटेल का शिकार बने.

उसके बाद अजिंक्य रहाणे और कौस्तुभ पवार के बीच 86 रनों की साझेदारी हुई. अजिंक्य रहाणे 40 रन बनाकर जयंत यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए.

विदाई

जीत के बाद मुंबई के खिलाड़ियों ने सचिन को कंधे पर उठाकर सम्मानजनक विदाई दी.

सचिन ने कहा " लाहली के विकेट पर बल्लेबाज़ी करना चुनौतीपूर्ण था. आउटफील्ड धीमा होने की वजह से 240 भी बड़ा लक्ष्य था. मुझे वेस्टइंडीज़ के खिलाफ सीरीज़ की तैयारी के लिए इसी तरह के विकेट की तलाश थी. मैं इस सीरीज़ में खेलने के लिए काफी उत्साहित हूं. इस मैच को अच्छी तरह कराने के लिए मैं हरियाणा क्रिकेट संघ को धन्यवाद देना चाहता हूं. साथ ही लाहली के लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरा आखिरी घरेलू मैच इतना यादगार बनाया."

हावी रहे गेंदबाज़

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सचिन को सम्मानित किया

क्रिकेट सितारों से भरे इस मैच में गेंदबाज़ बल्लेबाज़ों पर किस कदर हावी रहे हैं इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि एक तरफ मुंबई की पहली पारी जहाँ केवल 134 रनों पर सिमटी तो हरियाणा की पहली पारी भी महज़ 136 रनों पर सिमट गई.

सबकी नज़रे जहाँ सचिन पर थीं वहीं हरियाणा के कप्तान अजय जडेजा की भी काफी दिनों बाद मैदान पर वापसी हो रही थी. जडेजा पहली पारी में केवल 14 रन बना पाए तो दूसरी पारी में उनका खाता भी नहीं खुला.

इस मैच में ज़हीर खान पर भी सबकी निगाहें थीं. दूसरी पारी में उनके हाथ चार विकेट लगे जबकि पहली पारी में उन्होंने एक विकेट लिया था.

वैसे पिच जैसी भी हो सचिन के लिए वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ टेस्ट श्रृंखला शुरू होने से पहले अभ्यास के लिए तो बेहतर ही साबित हुई.

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